Monday 29th of June 2026 10:08:34 AM
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कर्नाटक के कंतलारेड्डी ब्लॉक में घर से पकड़ा गया तेंदुआ

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चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा गया, स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस

अनेकल (बेंगलुरु): कर्नाटक के कंतलारेड्डी ब्लॉक, जिगानी में गुरुवार सुबह एक घर में घुसे तेंदुए को कालकेरे वन विभाग की टीम ने बेहोशी का इंजेक्शन देकर पकड़ लिया। यह चार घंटे लंबा ऑपरेशन था, जिसके बाद स्थानीय लोगों और घर के मालिक ने राहत की सांस ली।

कैसे घर में घुसा तेंदुआ?

🔹 सुबह करीब 8 बजे, सात साल की मादा तेंदुआ जिगानी के आउटर रिंग रोड पर घूमती हुई देखी गई।
🔹 कुछ ही देर में वह वेंकटेश नामक व्यक्ति के घर में घुस गई, जो किराए के मकान में रहते हैं।
🔹 दरवाजे पर लकड़ी का बोर्ड लगाया गया था ताकि कुत्ते घर में न घुस सकें, लेकिन तेंदुआ उस पर कूदकर सीधे एक कमरे में चला गया
🔹 वेंकटेश और उनकी पत्नी वेंकटलक्ष्मी उस समय रसोई और हॉल में थे

वेंकटेश ने पहले तेंदुए को कुत्ता समझा!

📌 वेंकटेश ने कहा, “हम दोनों कॉफी पी रहे थे। तभी हमने किसी जानवर के कूदने की आवाज सुनी। पहले हमें लगा कि कोई कुत्ता अंदर आ गया है। लेकिन फिर हमने उसकी पूंछ देखी और समझ गए कि यह तेंदुआ है।”

📌 “हमने तुरंत दरवाजा बंद किया, बाहर भागे और पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग को बुलाया गया।”

चार घंटे बाद ऑपरेशन सफल

🔸 वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बेहोशी का डार्ट चलाया और तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में बंद कर लिया
🔸 तेंदुए को वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी सेहत की जांच की जाएगी।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

“कई दिनों से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की खबरें आ रही थीं। अब इसे पकड़ लिया गया है, तो हम सब निश्चिंत हैं।”
“वन विभाग की टीम ने बेहतरीन काम किया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।”

वक़्फ़ बोर्ड ने कभी मुस्लिमों को फायदा नहीं पहुंचाया: बहादुर शाह ज़फ़र की परपोती सुल्ताना बेगम

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लोकसभा में 12 घंटे की बहस के बाद वक़्फ़ संशोधन विधेयक 2025 पारित, सुल्ताना बेगम ने उठाए वक़्फ़ बोर्ड पर सवाल

हावड़ा: लोकसभा में 12 घंटे लंबी बहस के बाद वक़्फ़ संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया कि यह कानून मुस्लिम समुदाय की धार्मिक प्रथाओं को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इस पर विवाद जारी है।

विपक्ष का आरोप है कि “अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है”। वहीं, इस बहस के बीच बहादुर शाह ज़फ़र की परपोती सुल्ताना बेगम ने वक़्फ़ बोर्ड को लेकर एक अलग राय व्यक्त की।

सुल्ताना बेगम का बड़ा बयान

🔹 “वक़्फ़ संपत्ति का आम मुस्लिमों को कोई फायदा नहीं हुआ। यह उनकी ज़िंदगी नहीं बदल सकती। अगर यह सरकार के अधीन रहे, तो कम से कम पारदर्शिता रहेगी। अगर वक़्फ़ संपत्ति आम मुसलमानों के काम नहीं आ रही, तो इसकी कोई कीमत नहीं है।”
🔹 “वक़्फ़ बोर्ड केवल कुछ लोगों के हित साधने के लिए है, आम मुसलमानों के लिए नहीं। अगर सरकार इसकी ज़िम्मेदारी ले, तो पारदर्शिता और जवाबदेही होगी।”

क्या ताज महल वक़्फ़ संपत्ति है?

इस विधेयक के बीच ताज महल की स्वामित्व को लेकर एक नई बहस भी शुरू हो गई है। कुछ संगठनों का दावा है कि ताज महल वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है और इसे मुस्लिम समुदाय के नियंत्रण में होना चाहिए

इस पर सुल्ताना बेगम ने कहा:
📌 “अगर ताज महल वक़्फ़ संपत्ति है, तो इसके दस्तावेज़ कहां हैं? मैं उन्हें देखना चाहती हूं। अगर यह वाकई वक़्फ़ संपत्ति है, तो मैं इसे वक़्फ़ बोर्ड को दान करने के लिए तैयार हूं—लेकिन पहले दस्तावेज़ तो दिखाएं।”

वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर विवाद जारी

🔸 लोकसभा में पास होने के बाद यह विधेयक अब राज्यसभा में पेश किया गया है
🔸 सरकार को भरोसा है कि बहुमत के चलते यह विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो जाएगा
🔸 हालांकि, सुल्ताना बेगम के बयान ने इस मुद्दे को एक नए विवाद का रूप दे दिया है और वक़्फ़ बोर्ड की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BIMSTEC समिट: थाईलैंड में डिनर के दौरान PM मोदी और बांग्लादेश के चीफ एडवाइज़र मुहम्मद यूनुस साथ बैठे

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बैंकॉक में BIMSTEC डिनर के दौरान PM मोदी और मुहम्मद यूनुस की मौजूदगी चर्चा में

बैंकॉक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के चीफ एडवाइज़र मुहम्मद यूनुस को थाईलैंड के प्रधानमंत्री पाएटोंगटार्न शिनावात्रा द्वारा आयोजित BIMSTEC (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) समिट डिनर में एक साथ बैठाया गया।

यूनुस के कार्यालय ने होटल शांग्री-ला में हुए इस आयोजन की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वे प्रधानमंत्री मोदी के बगल में बैठे दिखे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को दोनों नेताओं की अलग से बैठक भी हो सकती है

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में आई दरार?

🔸 अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार का नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं।
🔸 इसके बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में ठंडापन आ गया है
🔸 बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों के उभार को लेकर भारत चिंतित है

चीन से नजदीकियों पर विवाद

मुहम्मद यूनुस ने पिछले हफ्ते चीन की यात्रा के दौरान एक विवादित बयान दिया:

📌 भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य भूमि से घिरे हुए हैं और उनका समुद्र तक कोई सीधा रास्ता नहीं है
📌 बांग्लादेश ही इस क्षेत्र का ‘एकमात्र समुद्री संरक्षक’ है
📌 चीन को इस अवसर का लाभ उठाकर अपने आर्थिक प्रभाव को बांग्लादेश तक बढ़ाना चाहिए

इस बयान पर भारत में नाराजगी जताई गई, और इसके बाद बांग्लादेश के अधिकारियों को सफाई देनी पड़ी।

क्या मोदी-यूनुस की मुलाकात से बदलेगा समीकरण?

BIMSTEC समिट के दौरान होने वाली संभावित बैठक में भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की दिशा में बातचीत हो सकती है। यह देखना अहम होगा कि भारत इस मौके को द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए कैसे इस्तेमाल करता है

मुंबई में बड़ा खुलासा: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5 शूटर गिरफ्तार, सलमान खान थे टारगेट?

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गिरफ्तारी से बची बड़ी साजिश, मुंबई पुलिस ने पकड़े गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के 5 शूटर

मुंबई: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े पांच शूटरों को गिरफ्तार कर एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया। इन शूटरों के पास से 7 पिस्तौल और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

क्या सलमान खान थे टारगेट?

गिरफ्तारी के बाद मुंबई में सलमान खान की सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ गई है। बिश्नोई गैंग के गुर्गों को 30 मार्च को अंधेरी से गिरफ्तार किया गया, और जांच के दौरान खुलासा हुआ कि वे मुंबई में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे।

कैसे पकड़े गए गैंगस्टर?

📌 पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिश्नोई गैंग के सदस्य हथियारों के साथ मुंबई पहुंचे हैं
📌 क्राइम ब्रांच की अंडरकवर टीमों ने संदिग्धों की हर गतिविधि पर नजर रखी।
📌 अंधेरी से पांच आरोपियों को दबोचा गया

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विकास ठाकुर उर्फ विक्की, सुमित कुमार दिलावर, श्रेयस यादव, देवेंद्र सक्सेना और विवेक गुप्ता शामिल हैं, जो राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। इनमें सुमित और विकास पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं

सलमान खान को मिल रही धमकियां

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान 2023 से लगातार बिश्नोई गैंग के निशाने पर हैं

🔸 2023 में बिश्नोई गैंग से जान से मारने की धमकी मिली
🔸 8 महीने पहले, गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर 5 AM पर 4 राउंड फायरिंग
🔸 इसके बाद सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया

सलमान खान की सुरक्षा कैसी है?

🎯 बुलेटप्रूफ कार में चलते हैं।
🎯 11 सशस्त्र सुरक्षाकर्मी हमेशा उनके साथ रहते हैं
🎯 गैलेक्सी अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई
🎯 हाई-रिज़ॉल्यूशन सर्विलांस कैमरे लगाए गए
🎯 Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई जिसमें महाराष्ट्र पुलिस के कमांडो, 2 PSO और 2 एस्कॉर्ट वाहन शामिल हैं।

क्या आगे और गिरफ्तारियां होंगी?

मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और इस बात की जांच हो रही है कि उनका असली मकसद क्या था और वे किसे निशाना बनाने वाले थे। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं

गर्मी का असर: कलबुर्गी और बेलगावी डिवीजन में सरकारी दफ्तर अब सुबह 8 से दोपहर 1:30 बजे तक खुलेंगे

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गर्मी बढ़ी, दफ्तरों के समय में बदलाव

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कलबुर्गी और बेलगावी डिवीजन के सरकारी दफ्तरों के कामकाज के समय में बदलाव किया है। अब ये दफ्तर सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे।

यह नया शेड्यूल अप्रैल और मई महीनों तक लागू रहेगा, जबकि 1 जून से सरकारी दफ्तर अपने पुराने समय यानी 10:30 AM से 5:30 PM तक चलेंगे

किन जिलों में बदला गया है समय?

नए शेड्यूल के अनुसार, बेलगावी और कलबुर्गी राजस्व मंडल के सात जिलों में सरकारी कार्यालय बदले हुए समय पर कार्य करेंगे।

  • कलबुर्गी डिवीजन: बीदर, कलबुर्गी, यादगीर, रायचूर, कोप्पल

  • बेलगावी डिवीजन: विजयपुरा, बागलकोट

गर्मी की मार: 40°C पार हुआ तापमान

मार्च महीने से ही इन जिलों में तापमान लगातार 40°C के पार बना हुआ है। अप्रैल और मई में यह 43°C से 44°C तक जाने की संभावना है।

सरकार के आदेश में कहा गया,

“गर्मी के कारण कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए सरकारी कार्यालयों का समय बदला गया है। इससे सरकारी कर्मचारियों को लू और अधिक तापमान से बचाया जा सकेगा।”

कर्मचारियों की मांग पर लिया गया फैसला

पिछले हफ्ते कर्नाटक राज्य सरकारी कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से गर्मी के कारण दफ्तरों का समय बदलने की मांग की थी

जनता को भी होगा फायदा

कालबुर्गी राजस्व विभाग के कर्मचारी बसवलिंगप्पा ने कहा,

“दोपहर में भीषण गर्मी के कारण सरकारी दफ्तरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। इस नए शेड्यूल से सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी राहत मिलेगी।”

क्या रहेगा नया टाइमटेबल?

📌 अप्रैल-मई: सुबह 8:00 AM से 1:30 PM
📌 1 जून से: सुबह 10:30 AM से 5:30 PM (पुराना समय बहाल)

सरकार के इस कदम से सरकारी कर्मचारियों और जनता को राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि आने वाले हफ्तों में तापमान का स्तर कहां तक पहुंचता है।

BSNL की बड़ी चूक: Jio से 10 साल तक नहीं लिया इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज, सरकार को ₹1,757 करोड़ का नुकसान – CAG

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10 साल से BSNL ने Jio को नहीं भेजा बिल, सरकार को भारी नुकसान

नई दिल्ली: भारत सरकार के स्वामित्व वाली भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने 2014 से 2024 तक रिलायंस जियो से इन्फ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग का शुल्क नहीं लिया, जिससे सरकार को ₹1,757.56 करोड़ का नुकसान हुआ।

कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, BSNL ने अपने मास्टर सर्विस एग्रीमेंट (MSA) को लागू नहीं किया और Jio द्वारा अतिरिक्त तकनीक के उपयोग के लिए बिलिंग करने में विफल रहा। इससे न केवल राजस्व का नुकसान हुआ, बल्कि सरकार को ₹1,757.76 करोड़ और उस पर दंडात्मक ब्याज का नुकसान हुआ।

BSNL की लापरवाही से ₹38.36 करोड़ का अतिरिक्त घाटा

CAG ने यह भी बताया कि BSNL ने टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स (TIPs) को भुगतान करने से पहले लाइसेंस शुल्क की कटौती नहीं की, जिससे ₹38.36 करोड़ का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

इसके अलावा, BSNL ने MSA में निर्धारित एस्केलेशन क्लॉज का पालन नहीं किया, जिससे ₹29 करोड़ (GST सहित) का नुकसान हुआ।

क्या है पूरा मामला?

📌 BSNL और Jio के बीच मई 2014 में पासिव इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग का करार हुआ था।
📌 BSNL Jio को टावर और अन्य नेटवर्क सुविधाएं मुहैया कराता था, लेकिन उसने 10 साल तक उचित शुल्क नहीं लिया
📌 लाइसेंस फीस की गलत गणना से भी BSNL को अतिरिक्त ₹38.36 करोड़ का घाटा हुआ।
📌 MSA में निर्धारित शुल्क वृद्धि लागू नहीं करने से ₹29 करोड़ का नुकसान हुआ।

CAG की सख्त टिप्पणी

CAG की रिपोर्ट में BSNL की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए कहा गया कि अगर समय पर उचित बिलिंग की जाती, तो सरकारी खजाने को भारी नुकसान से बचाया जा सकता था

सरकार क्या कार्रवाई करेगी?

BSNL की इस चूक के बाद अब सरकार इस मामले की आंतरिक समीक्षा कर सकती है। साथ ही, आगे के रिवाइज़्ड बिलिंग सिस्टम को लागू करने पर जोर दिया जा सकता है ताकि ऐसा दोबारा न हो।

सिनेमाकॉन 2025: ‘जॉन विक 5’ में लौटेंगे कीआनू रीव्स, एनीमे प्रीक्वल और ‘केन’ स्पिन-ऑफ पर काम शुरू

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हैदराबाद: सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! लायंसगेट ने सिनेमाकॉन 2025 में ‘जॉन विक 5’ की आधिकारिक घोषणा कर दी है। न सिर्फ कीआनू रीव्स फिर से अपने प्रतिष्ठित किरदार में लौटेंगे, बल्कि एक एनीमे प्रीक्वल और डॉनी येन के किरदार केन पर आधारित एक स्पिन-ऑफ फिल्म भी पाइपलाइन में है।

जॉन विक 5: कीआनू रीव्स की धमाकेदार वापसी

‘जॉन विक: चैप्टर 4’ में कहानी एक निर्णायक मोड़ पर खत्म होती दिखी थी, लेकिन अब कीआनू रीव्स और निर्देशक चैड स्टहेलेस्की इस दुनिया को और आगे बढ़ाने के लिए वापसी कर रहे हैं। लायंसगेट मोशन पिक्चर ग्रुप के चेयरमैन एडम फोगेलसन ने कहा,

“कीआनू, चैड, बैसिल और एरिका तभी वापसी कर रहे हैं, जब उनके पास इस दुनिया और इन किरदारों के लिए कुछ असाधारण और अनोखा कहने को है। हम इंतजार नहीं कर सकते कि अगला अध्याय हमें कहां ले जाएगा।”

पिछली फिल्म ने 440 मिलियन डॉलर की जबरदस्त कमाई की थी, जिससे यह साफ है कि ‘जॉन विक’ फ्रैंचाइज़ी दर्शकों के बीच एक ब्लॉकबस्टर ब्रांड बन चुकी है। हालांकि, ‘जॉन विक 5’ की रिलीज़ डेट अभी तय नहीं हुई है, लेकिन फैंस पहले से ही इसके लिए उत्साहित हैं।

जॉन विक एनीमे प्रीक्वल: ‘इम्पॉसिबल टास्क’ की कहानी सामने आएगी

लायंसगेट ने जॉन विक की बैकस्टोरी पर आधारित एक एनीमे प्रीक्वल की भी घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट में विक के कुख्यात ‘इम्पॉसिबल टास्क’ को दिखाया जाएगा—जिस टास्क ने उसे हाई टेबल छोड़ने और अपनी पत्नी हेलेन के साथ एक नई ज़िंदगी शुरू करने का मौका दिया था।

यह एनीमे ‘अल्ट्रामैन: राइजिंग’ के निर्देशक शैनन टिंडल बना रहे हैं और ‘द शेप ऑफ वॉटर’ की स्क्रीनराइटर वेनेसा टेलर भी इससे जुड़ी हैं। उम्मीद है कि कीआनू रीव्स खुद इस एनीमे में जॉन विक को अपनी आवाज़ देंगे। निर्देशक चैड स्टहेलेस्की ने कहा,

“एनीमे हमेशा से मेरे लिए एक बड़ा इन्फ्लुएंस रहा है, खासकर जॉन विक सीरीज़ में। इसलिए एक जॉन विक एनीमे बनाना इस यात्रा का सही अगला कदम लगता है।”

‘केन’: डॉनी येन की नई स्पिन-ऑफ फिल्म

एक और रोमांचक घोषणा ‘केन’ की है, जो ‘जॉन विक: चैप्टर 4’ में डॉनी येन के निभाए ब्लाइंड असासिन केन के किरदार पर आधारित होगी। डॉनी येन न सिर्फ इसमें लीड रोल निभाएंगे, बल्कि फिल्म का निर्देशन भी करेंगे

इस फिल्म की स्क्रिप्ट ‘द बैटमैन’ के को-राइटर मैटसन टॉमलिन लिख रहे हैं, और इसकी शूटिंग 2025 के अंत तक हांगकांग में शुरू होने की उम्मीद है। डॉनी येन ने कहा,

“ईमानदारी से कहूं तो, केन को निर्देशित करने का मौका मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। ‘जॉन विक’ फिल्मों ने एक्शन सिनेमा में नए मानक स्थापित किए हैं और मैं इस दुनिया को और आगे ले जाने के लिए लायंसगेट का आभारी हूं।”

जॉन विक यूनिवर्स का बड़ा विस्तार

‘जॉन विक 5’, एनीमे प्रीक्वल और ‘केन’ स्पिन-ऑफ के साथ, यह साफ है कि यह एक्शन से भरपूर दुनिया और भी विशाल होने जा रही है

अब बस इंतजार है कीआनू रीव्स की दमदार वापसी और इस नए जॉन विक यूनिवर्स के विस्फोटक अध्यायों का!

भारतीय सेना को महिंद्रा देगी 1,986 स्कॉर्पियो पिक-अप, 2,700 करोड़ रुपये का सौदा हुआ पक्का

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हैदराबाद: महिंद्रा ऑटो ने भारतीय सशस्त्र बलों के साथ 2,700 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है, जिसके तहत कंपनी 1,986 महिंद्रा स्कॉर्पियो पिक-अप वाहनों की आपूर्ति करेगी।

इस सौदे के साथ, महिंद्रा अब तक 4,000 से अधिक वाहन जैसे स्कॉर्पियो क्लासिक, स्कॉर्पियो-एन और बोलेरो पिक-अप 4WD भारतीय सेना को प्रदान कर चुकी है। इसके बाद सेना के पास 7,000 से अधिक महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी वाहनों का बेड़ा होगा।

महिंद्रा स्कॉर्पियो पिक-अप: संभावित डिज़ाइन और फीचर्स

इस साल की शुरुआत में स्कॉर्पियो एन पिक-अप के टेस्ट मॉडल भारत में देखे गए थे। 2023 में पेश किए गए कॉन्सेप्ट मॉडल के आधार पर, नए पिक-अप ट्रक में महिंद्रा स्कॉर्पियो एन की फ्रंट डिज़ाइन होगी।

  • प्रोजेक्टर हेडलैम्प सेटअप, ट्विन पीक लोगो के साथ नई ग्रिल

  • C-शेप LED DRLs और स्कॉर्पियो एन जैसा फ्लैट बोनट

  • स्टील और अलॉय व्हील विकल्प

  • ऊँचा रोल बार, जो पलटने पर सुरक्षा प्रदान करेगा

  • Level 2 ADAS, ट्रेलर स्वे कंट्रोल, ऑल-राउंड एयरबैग्स

  • 5G कनेक्टिविटी, ड्राइवर फ़टीग डिटेक्शन, 4Xplore फोर-व्हील ड्राइव सिस्टम

महिंद्रा स्कॉर्पियो पिक-अप: संभावित स्पेसिफिकेशन

यह पिक-अप ट्रक महिंद्रा की मौजूदा एसयूवी इंजनों के साथ आएगा।

  • 2.0L टर्बो पेट्रोल इंजन और 2.2L डीजल इंजन

  • 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन

  • 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम (Android Auto, Apple CarPlay सपोर्ट के साथ)

  • स्कॉर्पियो एन जैसा इंटीरियर और फीचर्स

यह सौदा भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक और टिकाऊ वाहन उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पूर्वोत्तर में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि: केंद्र सरकार

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नई दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्यों में शांति और स्थिरता के कारण इस क्षेत्र में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

पर्यटन मंत्रालय ने स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों को विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की योजना बनाते समय उनके साथ परामर्श करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

बुधवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बताया कि 2023 में 1,20,78,776 घरेलू और 2,21,050 विदेशी पर्यटक पूर्वोत्तर राज्यों में आए।

  • असम: 76,12,720 घरेलू पर्यटक

  • मेघालय: 13,71,674 घरेलू पर्यटक

  • सिक्किम: 13,21,169 घरेलू पर्यटक

  • सिक्किम: 93,908 विदेशी पर्यटक

  • त्रिपुरा: 66,708 विदेशी पर्यटक

  • असम: 23,818 विदेशी पर्यटक

पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, 2022 में 118.45 लाख घरेलू और 1.04 लाख विदेशी पर्यटक पूर्वोत्तर राज्यों में आए थे।

मजूमदार ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन’, ‘PRASHAD’, ‘पर्यटन बुनियादी ढांचा विकास’ जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

पर्यटन मंत्रालय स्थानीय मेले, त्योहार, प्रदर्शनियों, सोशल मीडिया और वेबसाइटों के माध्यम से पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देता है।

मजूमदार ने बताया कि गुवाहाटी और शिलांग के केंद्रीय होटल प्रबंधन संस्थानों (CIHMs) के माध्यम से पर्यटन और आतिथ्य उद्योग के लिए पेशेवर शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके अलावा, 2024-25 में 2806.82 करोड़ रुपये की लागत से 74 परियोजनाएं पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 969.82 करोड़ रुपये की लागत से 10 परियोजनाएं NESIDS-OTRI योजना के तहत स्वीकृत हुई हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को लागू करने की अवधि भौगोलिक स्थिति, भूमि की उपलब्धता, कानूनी मंजूरी और वित्तीय मामलों जैसे कारकों पर निर्भर करती है।

अल्पसंख्यकों के अधिकार छीनने और समाज को विभाजित करने के लिए लाया गया वक्फ विधेयक, INDIA गठबंधन ने किया विरोध: लोकसभा में गोगोई

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक को संविधान की मूल संरचना पर हमला करार दिया और कहा कि INDIA गठबंधन इस प्रस्तावित संशोधन का विरोध करेगा।

लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान गोगोई ने कहा कि यह अल्पसंख्यकों को बदनाम करने, उनके अधिकार छीनने और भारतीय समाज को विभाजित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल बिना अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों से परामर्श किए संसद में लाया गया।

गोगोई ने धारा 3 पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह इस्लाम का पालन करने वाले व्यक्तियों की परिभाषा तय करता है, जिससे अल्पसंख्यकों को धार्मिक पहचान साबित करने के लिए प्रमाण पत्र देना पड़ सकता है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 26 का उल्लंघन बताया।

उन्होंने सरकार पर महिला अधिकारों को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया और कहा कि मौजूदा कानून में महिलाओं, विशेष रूप से विधवाओं के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए पहले से ही प्रावधान मौजूद हैं।

भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों की लूट और अतिक्रमण को रोकने के लिए कानून लाने का पूरा अधिकार रखती है। उन्होंने कहा कि चर्च समुदाय भी इस बिल के पक्ष में है क्योंकि उन्हें भी वक्फ निकायों के अतिक्रमण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वक्फ कोई धार्मिक निकाय नहीं बल्कि एक सांविधिक निकाय है और इसके तहत 8 लाख से अधिक संपत्तियां, जिनमें स्कूल, अस्पताल और अनाथालय शामिल हैं, आती हैं। सरकार को पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का अधिकार है।

भारत-चीन के कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर नेताओं ने दी बधाई, संबंध सुधारने के प्रयास जारी

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बीजिंग: भारत और चीन ने मंगलवार को 75वीं कूटनीतिक वर्षगांठ के अवसर पर बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया। यह पहल पूर्वी लद्दाख गतिरोध के कारण चार साल से ठंडे पड़े संबंधों को सुधारने की दिशा में उठाई गई एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, साथ ही चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजे।

गुओ ने कहा कि भारत और चीन प्राचीन सभ्यताएँ हैं और वैश्विक दक्षिण के महत्वपूर्ण सदस्य भी। उन्होंने यह भी कहा कि “ड्रैगन और हाथी की साझेदारी” ही दोनों देशों के लिए सबसे सही विकल्प होगा।

भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने पर जोर

गुओ ने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा रणनीतिक दिशा-निर्देशों के तहत, चीन भारत के साथ आपसी विश्वास को बढ़ाने, सहयोग को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

मोदी और जिनपिंग की पिछली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (रूस, कज़ान) में मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय वार्ताएँ हुईं। हाल ही में मार्च 2025 में बीजिंग में राजनयिक वार्ता आयोजित की गई, जिसमें सीमा प्रबंधन, कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।

क्या आगे होगा?

गुओ ने कहा कि भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विभिन्न आयोजनों की योजना बनाई जा रही है, जिनका विवरण जल्द जारी किया जाएगा।

इस बीच, दोनों देशों ने सीमा वार्ता तंत्र (WMCC) के माध्यम से सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखने और संवाद को पुनः प्रारंभ करने पर सहमति व्यक्त की है।

1991 उपासना स्थल अधिनियम पर नई याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 की एक नई याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जो किसी धार्मिक स्थल के 15 अगस्त 1947 की स्थिति को बनाए रखने को अनिवार्य करता है।

मुख्य न्यायाधीश संजय खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 32 के तहत दायर नई जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता नितिन उपाध्याय को लंबित याचिकाओं में अंतरिम याचिका दायर करने की अनुमति दी।

1991 अधिनियम धार्मिक स्थलों के रूपांतरण को रोकता है, लेकिन राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को इससे अलग रखा गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत से यह अनुरोध किया कि वह धार्मिक स्थलों के मूल स्वरूप का निर्धारण करने के लिए न्यायिक आदेश पारित करने की अनुमति दे।

अदालत ने फरवरी 2025 में इस अधिनियम पर बार-बार दायर की जा रही याचिकाओं पर असंतोष व्यक्त किया था। अब अप्रैल 2025 में तीन-न्यायाधीशों की पीठ इन लंबित मामलों की सुनवाई करेगी।

SC ने रणवीर अल्लाहबादिया का पासपोर्ट जारी करने से इनकार किया, ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ जांच पूरी होने तक रोक जारी

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया की पासपोर्ट वापसी की याचिका पर कहा कि इस पर दो हफ्ते बाद विचार किया जाएगा।

क्या है मामला?

  • अल्लाहबादिया ने पासपोर्ट जमा करने की शर्त में संशोधन की मांग की, यह तर्क देते हुए कि इससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है

  • अदालत ने कहा कि अगर वह विदेश यात्रा करते हैं, तो यह जांच को प्रभावित करेगा।

  • महाराष्ट्र और असम सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच दो हफ्ते में पूरी हो सकती है।

  • अदालत ने 3 मार्च को अल्लाहबादिया को सोशल मीडिया पर अपने पॉडकास्ट फिर से शुरू करने की अनुमति दी थी, लेकिन शर्त रखी थी कि वह अपने शो में नैतिकता और शालीनता बनाए रखें

‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ विवाद क्या है?

  • अल्लाहबादिया, जो ‘बीयर बाइसेप्स’ चैनल के लिए प्रसिद्ध हैं, कॉमेडियन समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ पर अभद्र टिप्पणी करने के कारण विवादों में आ गए।

  • इस बयान के चलते उनके खिलाफ कई FIR दर्ज हुईं

  • विवाद बढ़ने के बाद अल्लाहबादिया ने माफी मांगी, और समय रैना ने अपना शो यूट्यूब से हटा दिया

आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट दो हफ्तों बाद रणवीर अल्लाहबादिया की पासपोर्ट वापसी की याचिका पर पुनर्विचार करेगा। फिलहाल, जांच पूरी होने तक वह विदेश यात्रा नहीं कर सकते।

‘डिजिटल गिरफ्तारी’ घोटाले का शिकार हुए रिटायर्ड कर्नल, ₹3.4 करोड़ की ठगी

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चंडीगढ़: 82 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल दलिप सिंह और उनकी पत्नी रणविंदर कौर बाजवा ₹3.4 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाए और दंपति को डिजिटल गिरफ्तारी में रखा।

कैसे हुआ घोटाला?

  • 18 मार्च को व्हाट्सएप कॉल पर ठगों ने सिंह को बताया कि उनका नाम ₹5,038 करोड़ के घोटाले में है।

  • उन्होंने सिंह का एटीएम कार्ड वीडियो कॉल पर दिखाकर विश्वास जीतने की कोशिश की।

  • यह दावा किया गया कि Naresh Goyal (Jet Airways के पूर्व मालिक) ने सिंह का नाम घोटाले में घसीटा है।

  • ठगों ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश भेजे और जेल व संपत्ति जब्त करने की धमकी दी

  • 10 दिनों (18-27 मार्च) तक सिंह और उनकी पत्नी को घर में ही कैद रहने के लिए मजबूर किया

  • ठगों ने ₹3.4 करोड़ विभिन्न खातों में जमा करवाए।

कर्नल सिंह की अपील

रिटायर्ड कर्नल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा:
“मैंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित किया। अब जीवन की इस अवस्था में मैं अपनी पूरी जीवनभर की बचत खो चुका हूँ। मेरी आखिरी उम्मीद चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल पर है।”

जाँच जारी

  • चंडीगढ़ पुलिस साइबर सेल ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की गहन जांच की जा रही है।

यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और डिजिटल फ्रॉड के नए तरीकों की गंभीरता को उजागर करता है।

चीन के एक्सप्रेसवे पर Xiaomi SU7 कार दुर्घटनाग्रस्त, 3 की मौत

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The controls and screen interface of a Xiaomi SU7 Ultra electric vehicle at the MWC25 tech show in Barcelona, Spain, on Monday, March 3, 2024. The Mobile World Congress tech show runs March 3-6. Photographer: Angel Garcia/Bloomberg

बीजिंग: चीन की टेक दिग्गज Xiaomi Corporation ने पुष्टि की है कि उसकी SU7 इलेक्ट्रिक वाहन एक्सप्रेसवे पर एक दुर्घटना में शामिल थी। यह हादसा 29 मार्च को अनहुई प्रांत में हुआ।

कंपनी ने वीबो पोस्ट में दुर्घटना की जानकारी दी, लेकिन हताहतों की संख्या का उल्लेख नहीं किया। हालाँकि, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?

Xiaomi की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार:

  • एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दुर्घटना से 20 मिनट पहले सक्रिय किया गया था।

  • ड्राइवर को स्टीयरिंग पकड़ने के लिए अलर्ट जारी किया गया, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिली।

  • कुछ सेकंड बाद रास्ते में बाधा का अलर्ट आया, जिससे ड्राइवर ने नियंत्रण वापस लिया, लेकिन इसी दौरान टक्कर हो गई।

  • दुर्घटना के बाद कार में आग लग गई, जिससे केवल स्टील चेसिस बचा।

Xiaomi के शेयरों पर असर

दुर्घटना के बाद, हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में Xiaomi के शेयर 6.1% तक गिर गए। कंपनी का शेयर पिछले हफ्ते $5.5 बिलियन की इक्विटी बिक्री के बाद 18% तक गिर चुका है।

ADAS तकनीक पर सवाल

इस घटना ने स्मार्ट ड्राइविंग सॉफ्टवेयर की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

  • ऑटोमेशन तकनीक में ड्राइवर की सतर्कता जरूरी है, लेकिन ओवर-रिलायंस से दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं।

  • Tesla जैसी कंपनियों की भी Full Self-Driving टेक्नोलॉजी की जांच चल रही है, क्योंकि इससे जुड़े कई हादसे हो चुके हैं।

यह हादसा स्वायत्त वाहन प्रौद्योगिकी की सुरक्षा और ड्राइवर की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।