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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मुठभेड़: महाराष्ट्र के जवान शहीद, सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी

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जम्मू: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चत्रू क्षेत्र में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच चल रही मुठभेड़ में महाराष्ट्र के एक जवान शहीद हो गए हैं। सेना के अनुसार, यह मुठभेड़ गुरुवार सुबह 6:30 बजे शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों ने जंगलों में छिपे आतंकियों से संपर्क स्थापित किया।

भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा:

“चालू अभियान के दौरान भीषण मुठभेड़ जारी है। हमारे एक #ब्रेवहार्ट को गंभीर चोटें आईं और उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश के बावजूद वे वीरगति को प्राप्त हो गए। ऑपरेशन अभी भी जारी है।”


🇮🇳 शहीद जवान की पहचान और इलाके की स्थिति:

शहीद जवान की पहचान संदीप पांडुरंग गायकवाड़ के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के ब्राह्मणवाड़ा गांव, अकोले तहसील के रहने वाले थे। उनके शहीद होने की खबर से गांव में शोक की लहर फैल गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 3 से 4 आतंकवादी चत्रू के घने जंगलों में छिपे हुए हैं, और सुरक्षाबल उन्हें खोजने में जुटे हैं। इलाके को पूरी तरह से घेर लिया गया है, और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।


ऑपरेशन ‘त्राशी’ और पहले की घटनाएं:

सेना की ओर से जानकारी दी गई कि यह अभियान “ऑप त्राशी” के तहत चलाया जा रहा है। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की संयुक्त टीम हिस्सा ले रही है। यह वही इलाका है जहां 12 अप्रैल को एक और मुठभेड़ में 3 आतंकवादी मारे गए थे।

22 अप्रैल को पहलगाम के बैसारन में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और हमदर्दों के खिलाफ आक्रामक अभियान तेज कर दिए हैं। उस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने धार्मिक आधार पर लोगों को निशाना बनाकर 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।


सीमा क्षेत्रों में स्थिति और पाकिस्तान पर चेतावनी:

पुंछ, राजौरी, बारामुला और कुपवाड़ा जैसे सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद बची विस्फोटक सामग्री को निष्क्रिय किया जा रहा है। अब भी कई लोग अपने घरों को नहीं लौटे हैं।

भारत और पाकिस्तान के DGMOs द्वारा 12 जून को सीज़फायर समझौता हुआ था, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि यह समझौता तभी तक कायम रहेगा जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को नहीं बढ़ावा देता।

भारत-नेपाल खुली सीमा से घुसपैठ की आशंका, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर

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बहराइच: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा घुसपैठ की कोशिशों की आशंका के बीच सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, दो दर्जन से अधिक संदिग्ध घुसपैठिए नेपाल पहुंच चुके हैं और अब खुली सीमा का फायदा उठाकर भारत में घुसने की योजना बना रहे हैं।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव में आई अस्थायी शांति के दौरान इन लोगों ने नेपाल में प्रवेश किया, ऐसी जानकारी सामने आई है।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 42वीं बटालियन के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बुधवार शाम इन रिपोर्टों की पुष्टि की।

उन्होंने कहा,

“SSB मुख्यालय से प्राप्त विशेष खुफिया इनपुट के अनुसार, लगभग 35-37 पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं, और वे भारत-नेपाल खुली सीमा के जरिए भारत में घुसने का प्रयास करेंगे।”


चौकसी और सुरक्षा प्रबंध:

कमांडेंट उदावत ने बताया कि SSB की टीमें 24×7 अलर्ट मोड में हैं और घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए निरंतर गश्त और जांच अभियान चला रही हैं।

सीमा से लगे सड़क मार्गों, जंगलों और गांवों में लगातार पैदल और वाहनों से पेट्रोलिंग की जा रही है।

चेकपोस्ट्स की संख्या बढ़ा दी गई है, जहां सिर्फ भारतीय और नेपाली नागरिकों की पहचान सत्यापित कर उन्हें पार जाने की अनुमति दी जा रही है।


सीमा का भूगोल और संवेदनशील क्षेत्र:

भारत-नेपाल सीमा लगभग 1,750 किलोमीटर लंबी है और यह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल जैसे पांच राज्यों से लगती है।

उत्तर प्रदेश अकेले नेपाल के साथ लगभग 579 किलोमीटर सीमा साझा करता है, जिसमें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिले शामिल हैं।

बहराइच जिला इस संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां की सीमा का लगभग 100 किलोमीटर हिस्सा कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से सटा हुआ है, जो घनी वनस्पति वाला क्षेत्र है और सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है।

ब्रिटेन ने चगोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए, डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे का पट्टा रहेगा ब्रिटेन के पास

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लंदन: ब्रिटेन ने गुरुवार को हिंद महासागर में स्थित विवादित और रणनीतिक चगोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। सरकार का कहना है कि यह समझौता ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा संचालित सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया के भविष्य को सुरक्षित करता है, जो ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस समझौते के तहत, ब्रिटेन हर साल मॉरीशस को 101 मिलियन पाउंड (लगभग ₹1,136 करोड़) देगा और अगले कम से कम 99 वर्षों तक डिएगो गार्सिया द्वीप को लीज़ पर रखेगा

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि यह सैन्य अड्डा “हमारे देश की सुरक्षा की नींव में शामिल है” और आतंकवाद रोधी तथा खुफिया अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है


⚖️ अदालत की रोक और विरोध:

इस हस्ताक्षर कार्यक्रम में एक ब्रिटिश जज द्वारा लगाई गई अस्थायी रोक के चलते कुछ घंटे की देरी हुई। यह रोक दो चागोसियाई महिलाओंबर्नाडेट दुगासे और बर्ट्राइस पॉम्पे—की याचिका पर लगी थी, जो मूल निवासी हैं और जिन्हें 1960-70 के दशक में जबरन निकाला गया था

हालांकि, बाद में हाईकोर्ट के जज मार्टिन चैम्बरलेन ने रोक हटाते हुए कहा कि अगर सौदे में और देरी होती है तो ब्रिटेन के सार्वजनिक हित को नुकसान होगा


👥 निवासियों का संघर्ष और पीड़ा:

पॉम्पे ने अदालत के बाहर कहा,

“यह बहुत दुखद दिन है। हम मॉरीशस को अपने अधिकार नहीं सौंपना चाहते। हम मॉरीशस के नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “हम जिन अधिकारों की मांग कर रहे हैं, उनके लिए हम 60 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, और मॉरीशस वह नहीं देगा।”


🌍 इतिहास और अंतरराष्ट्रीय दबाव:

1814 से ब्रिटेन के नियंत्रण में रहे चगोस द्वीप 1965 में मॉरीशस से अलग कर दिए गए, जबकि 1968 में मॉरीशस को स्वतंत्रता दी गई थी।

2019 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने ब्रिटेन के इस कदम को अवैध करार दिया और संयुक्त राष्ट्र ने भी ब्रिटेन से द्वीप वापस लौटाने की सिफारिश की थी।


🛡️ सुरक्षा, राजनीति और आलोचना:

ब्रिटेन के विपक्षी कंजरवेटिव नेता केमी बेडेनोक ने समझौते की आलोचना करते हुए कहा,

“हमें ब्रिटिश क्षेत्र मॉरीशस को सौंपने के लिए भुगतान नहीं करना चाहिए।”

पूर्ववर्ती कंजरवेटिव सरकार के तहत 2022 में बातचीत शुरू हुई थी और अक्टूबर 2024 में एक प्रारंभिक समझौता हुआ था, लेकिन मॉरीशस में सरकार बदलने और लीज़ राशि को लेकर मतभेद के चलते यह टल गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने इस समझौते को मंजूरी दी थी।

फैक्ट चेक: जासूस ज्योति मल्होत्रा की राहुल गांधी के साथ वायरल फोटो फर्जी है, जानिए सच्चाई

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नई दिल्ली: हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि मल्होत्रा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी से मिली थीं और इस आंदोलन में शामिल भी हुई थीं। लेकिन क्या यह फोटो असली है?

सच्चाई यह है कि वायरल फोटो पूरी तरह से नकली है और इसे जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से एडिट किया गया है। असल तस्वीर में राहुल गांधी के साथ जो महिला हैं, वो भाजपा विधायक अदिति सिंह (रायबरेली, उत्तर प्रदेश) हैं, जो उस समय कांग्रेस में थीं। इस फोटो को किसी ने एडिट कर अदिति सिंह की जगह ज्योति मल्होत्रा का चेहरा जोड़ दिया


पुरानी फोटो का गलत इस्तेमाल:

एक और वायरल फोटो में एक महिला राहुल गांधी से भारत जोड़ो यात्रा के दौरान केरल में मिलती दिख रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह महिला ज्योति मल्होत्रा हैं, लेकिन वास्तविकता में यह फोटो राहुल गांधी ने खुद 18 सितंबर 2022 को फेसबुक पर पोस्ट की थी, और इसका मल्होत्रा से कोई संबंध नहीं है।


राजनीतिक साजिश या फेक न्यूज फैक्ट्री?

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इन फर्जी तस्वीरों को लेकर सख्त नाराजगी जताई है और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा,

“इस देशद्रोही ने जासूस की फोटो राहुल गांधी के साथ जोड़ दी है, जबकि असली फोटो में BJP विधायक अदिति सिंह हैं। यूपी पुलिस को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।”


मूर्खतापूर्ण जासूसी और डिजिटल छेड़छाड़:

गौरतलब है कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ जासूसी के आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी ‘नकली राजनीतिक पहुंच’ दिखाने की कोशिशें अब हास्यास्पद बनती जा रही हैं। कहीं न कहीं ये दर्शाता है कि यह “जासूस” बहुत चतुर नहीं रही, जो इतनी आसानी से पकड़ में आ गई और अब एडिट की गई फोटोज़ के जरिए चर्चा में बनी हुई है।


सपा के साथ भी फर्जी फोटो:

अखिलेश यादव और डिंपल यादव की एक असली तस्वीर को भी एडिट करके ज्योति मल्होत्रा के साथ जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। ऐसा लगता है जैसे हर पार्टी के नेता के साथ उनकी फर्जी फोटो बनाना एक ट्रेंड बन गया है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आंधी से 45 लोगों की मौत

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बुधवार रात आई भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई है।

राज्य के 18 जिलों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये मौतें विभिन्न मौसम संबंधी आपदाओं, जैसे बिजली गिरना, तेज आंधी और बारिश की घटनाओं के कारण हुईं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे शोक संतप्त परिवारों को राहत प्रदान करें और घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराएं।

मुख्यमंत्री ने मवेशियों की मृत्यु पर भी मुआवज़ा देने और वर्षा से संबंधित नुकसान की भरपाई हेतु राहत राशि वितरित करने का आदेश दिया है।


प्रभावित जिले और मृतकों की संख्या:

  • कासगंज, फतेहपुर – 5 मौतें (प्रत्येक)

  • मेरठ, औरैया – 4 मौतें (प्रत्येक)

  • एटा, कन्नौज, कानपुर नगर, गौतम बुद्ध नगर – 3 मौतें (प्रत्येक)


 मौसम के कारण नुकसान और सरकारी कार्रवाई:

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन दौरा करे, सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने फसल क्षति की रिपोर्ट भी जल्द से जल्द सरकार को सौंपने के निर्देश दिए हैं।

जलभराव से जूझ रहे इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया है।


 दिल्ली-एनसीआर में भी असर:

बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में भी तेज धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि दर्ज की गई। नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में भी भारी नुकसान हुआ। दिल्ली में 2 लोगों की मौत और कई घायल हुए।


 आगे का मौसम पूर्वानुमान:

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 27 मई तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

सिंधु जल संधि निलंबित होने के बाद, पाकिस्तान में चीन ने हाइड्रोपावर परियोजना को दी रफ्तार

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नई दिल्ली: पाहलगाम आतंकी हमले और भारत की ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई के बाद भारत-पाक तनाव के बीच, चीन ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मोहम्मद जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाएगा।

यह घोषणा भारत द्वारा दशकों पुरानी सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करने के बाद आई है। यह कदम दक्षिण एशिया में जल कूटनीति और सामरिक समीकरणों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिसमें अब एक और प्रमुख शक्ति—बीजिंग—अधिक सक्रिय रूप में सामने आ रही है।

चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के हवाले से साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने सोमवार को बताया कि डैम का कंक्रीट भराव कार्य शुरू हो गया है, जो इस राष्ट्रीय फ्लैगशिप परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण निर्माण चरण है।

इस कदम को चीन-पाकिस्तान रणनीतिक गठबंधन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जो भारत द्वारा संधि के निलंबन के प्रतिउत्तर में एक सामरिक संदेश है।


📜 सिंधु जल संधि क्या है?

1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई थी। इसमें भारत को रावी, ब्यास और सतलुज नदियों पर अधिकार दिया गया, जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों पर अधिकार मिला।

हाल ही में पाहलगाम आतंकी हमले, जिसे भारत ने पाकिस्तान-समर्थित आतंकवाद का नतीजा बताया, के बाद पीएम मोदी ने कहा था: “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते“, और तब से भारत ने संधि को स्थगित कर दिया है।


🏗️ क्या है मोहम्मद जलविद्युत परियोजना?

मोहम्मद डैम, एक बहुउद्देशीय कंक्रीट-फेस्ड रॉक-फिल्ड डैम है जो पाकिस्तान के स्वात नदी पर बन रहा है, पेशावर से लगभग 37 किमी उत्तर और मुंडा हेडवर्क्स से 5 किमी ऊपर स्थित है।

  • उत्पादन क्षमता: 800 मेगावॉट

  • सिंचाई क्षमता: 16,100 एकड़

  • बाढ़ नियंत्रण: निचले इलाकों को बचाने की क्षमता

  • प्रत्याशित लाभ:

    • PKR 4.98 अरब (जल भंडारण से)

    • PKR 19.6 अरब (बिजली उत्पादन से)

    • PKR 7.9 करोड़ (बाढ़ नियंत्रण से)

यह डैम नौशेरा और चारसद्दा जिलों को मौसमी बाढ़ों से बचाने में मदद करेगा।


🚧 परियोजना की वर्तमान स्थिति:

  • निर्माण आरंभ: मई 2019

  • कार्यकारी एजेंसियां:

    • CGGC (चीन) और Descon Engineering (पाकिस्तान)

    • Voith Hydro Shanghai Ltd. द्वारा टरबाइन सप्लाई

  • लागत: लगभग PKR 309.558 अरब

  • नियोजित पूरा होना:

    • पहला यूनिट – दिसंबर 2026

    • पूर्ण निर्माण – अप्रैल 2027

  • रोजगार: लगभग 6,000 स्थानीय लोगों को रोजगार


🌏 क्षेत्रीय जल राजनीति में क्या असर?

डॉ. उत्तम कुमार सिन्हा (मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन संस्थान):

“चीन और पाकिस्तान दुनिया के प्रमुख डैम निर्माताओं में हैं। पाकिस्तान की जल निर्भरता अधिक है और चीन उसका रणनीतिक समर्थन कर रहा है।”

प्रो. हर्ष वी. पंत (किंग्स कॉलेज लंदन):

“भारत और चीन दोनों पानी को कूटनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। पाकिस्तान सिर्फ एक मोहरा है।”

अभिनव पंड्या (Usanas Foundation):

“भारत द्वारा सिंधु संधि निलंबित करने के बाद, पाकिस्तान की जल असुरक्षा बढ़ी है। चीन अब इस मुद्दे पर पाकिस्तान की चिंता कम करने के लिए आगे आया है।”

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी राजस्थान का दौरा करेंगे, भारत-पाक सीमा के पास जनसभा को करेंगे संबोधित

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बीकानेर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को राजस्थान का दौरा करेंगे। यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका राज्य का पहला दौरा होगा, जिसमें वह भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीकानेर जिले में जाएंगे।

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, प्रधानमंत्री 22 मई को सुबह लगभग 10:30 बजे बीकानेर पहुंचेंगे और फिर करीब 11 बजे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे।

इसके बाद, प्रधानमंत्री पालाना गांव जाएंगे, जहां वे बीकानेर डिवीजन के विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आए भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता को संबोधित करेंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

पीएम मोदी ₹26,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे और पालाना में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।


🚆 रेलवे कनेक्टिविटी और AMRUT स्टेशन:

प्रधानमंत्री देशभर में रेलवे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के अपने संकल्प के तहत, 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में ₹1,100 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित 103 AMRUT स्टेशन राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। देशनोक स्टेशन को करणी माता मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित डिज़ाइन में विकसित किया गया है।

तेलंगाना के बेगमपेट स्टेशन को काकतीय साम्राज्य की वास्तुकला, बिहार के थावे स्टेशन को मां थावेवाली और मधुबनी कला से, और गुजरात के डाकोर स्टेशन को रणछोड़रायजी महाराज की थीम पर विकसित किया गया है।

प्रधानमंत्री रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण की दिशा में हुए कार्यों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी)

  • फुलेरा-डेगाना (109 किमी)

  • उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी)

  • फलोदी-जैसलमेर (157 किमी)

  • सामदड़ी-बारमेर (129 किमी)

  • चूरू-सादुलपुर (58 किमी) रेललाइन का शिलान्यास


🛣️ सड़क और रक्षा बुनियादी ढांचा:

प्रधानमंत्री 3 वाहन अंडरपास, राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण तथा ₹4,850 करोड़ से अधिक लागत की 7 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। ये सड़कें भारत-पाक सीमा तक जाती हैं, जो सुरक्षा बलों की आवाजाही को सरल बनाएंगी और रक्षा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगी।


⚡ हरित और स्वच्छ ऊर्जा:

प्रधानमंत्री बीकानेर, नवां, डीडवाना, कुचामन आदि में सौर ऊर्जा परियोजनाओं, ट्रांसमिशन सिस्टम, और पावरग्रिड सिरोही व मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री राजस्थान सरकार की 25 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे, जिनमें बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, कनेक्टिविटी, जलापूर्ति आदि क्षेत्र शामिल हैं।

पाली जिले के 7 नगरों में AMRUT 2.0 योजना के तहत शहरी जल आपूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन का भी शुभारंभ करेंगे।


🗣️ विपक्ष की प्रतिक्रिया:

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पीएम मोदी की घोषणाओं पर तंज कसते हुए कहा, “राजस्थान आएं तो जाते-जाते बड़े-बड़े ऐलान कर दें, लेकिन सिर्फ भाषणों से काम नहीं चलेगा।

पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को फील्ड मार्शल रैंक पर पदोन्नत किया गया

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के रैंक पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया। यह पदोन्नति हाल ही में भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष में उनकी भूमिका को देखते हुए की गई है। वह जनरल अयूब खान के बाद पाकिस्तान के इतिहास में दूसरे फील्ड मार्शल बने हैं।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुश्मन को हराने के लिए उच्च रणनीति और साहसिक नेतृत्व के आधार पर असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया है।”

इससे पहले केवल जनरल अयूब खान को 1959 में फील्ड मार्शल बनाया गया था, जो बाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति भी बने थे।

हालिया संघर्ष में, भारतीय सेना ने 10 मई को पाकिस्तान के 8 सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की अपील की थी। इसी संदर्भ में जनरल मुनीर की भूमिका को “उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व” करार देते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी से भी मुलाकात कर इस फैसले पर सहमति ली।

एक सरकारी बयान में जनरल मुनीर ने कहा, “यह कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की सेना और उसके लोगों को समर्पित एक सम्मान है।” उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कैबिनेट को उनके विश्वास के लिए धन्यवाद दिया और कहा, “यह एक राष्ट्रीय ट्रस्ट है, जिसे बनाए रखने के लिए लाखों असीम अपनी जान देने को तैयार हैं।

जनरल मुनीर ने नवंबर 2022 में सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला था। वह इससे पहले इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के प्रमुख भी रह चुके हैं।

हालांकि ISI प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल पाकिस्तान के इतिहास में सबसे छोटा रहा — उन्हें सिर्फ आठ महीनों के भीतर हटाकर लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद को नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें गुंजरावाला कोर कमांडर और फिर GHQ में क्वार्टरमास्टर जनरल नियुक्त किया गया।

पाकिस्तानी सरकार ने यह भी घोषणा की है कि एयर चीफ मार्शल जहर अहमद बाबर सिधू का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।

मानवता की मिसाल: ट्रेन यात्रियों को भीषण गर्मी में मुफ्त पानी, जूस और छाछ बांटी जा रही है

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नई दिल्ली: देश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कई सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को राहत देने के लिए मुफ्त पेयजल, छाछ और जूस वितरित करना शुरू किया है। इस सेवा का उद्देश्य यात्रियों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाना और उन लोगों की मदद करना है जो हर स्टेशन पर पानी की बोतल खरीदने में असमर्थ हैं।

दक्षिण रेलवे प्रशासन के अनुरोध पर, मदुरै चैंबर ऑफ कॉमर्स ने रोज़ाना 400 लीटर छाछ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे करीब 2000 यात्रियों को मदुरै जंक्शन पर राहत मिलेगी। यह सेवा पूरे गर्मी के मौसम तक जारी रहेगी।

राजस्थान के किशनगढ़ स्टेशन पर, किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन और महिला पतंजलि योग समिति ने यात्रियों को ठंडा पानी और जूस वितरित किया। इस अभियान में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगिरथ चौधरी ने भी भाग लिया और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।

इसी तरह, गोरखपुर जंक्शन पर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत नटराज होटल व रेस्टोरेंट के सहयोग से जनरल डिब्बों में सफर कर रहे यात्रियों को ठंडी पानी की बोतलें मुफ्त दी गईं। उत्तर-पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कई एनजीओ और स्काउट्स स्वयंसेवक रेलवे की अनुमति से यह सेवा दे रहे हैं।

पश्चिम रेलवे के अनुसार, नरडाना स्टेशन पर परसमल ग्राम पंचायत और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा भी पानी का वितरण किया गया।

अन्य स्टेशन जैसे भुसावल, मनमाड, नासिक रोड और बडनेरा पर भी यात्रियों को मुफ्त पानी उपलब्ध कराया गया। नासिक रोड स्टेशन पर तो ट्रेन के अंदर जाकर 200ml से 1 लीटर तक की 500 पानी की बोतलें वितरित की गईं।

उत्तर मध्य रेलवे के तहत भारत स्काउट गाइड प्रयागराज इकाई और सुबेदारगंज यूनिट ने ट्रैक मेंटेनेंस कर्मचारियों के लिए जल सेवा अभियान चलाया।

यह प्रयास उन यात्रियों के लिए अत्यंत सहायक है जो जनरल या स्लीपर कोच में यात्रा करते हैं, जहां गर्मी और डिहाइड्रेशन की आशंका सबसे अधिक होती है।

‘जासूस’ YouTuber ज्योति मल्होत्रा ने 2023 में भागलपुर में मंदिर और मस्जिद का किया था वीडियो रिकॉर्डिंग, पुलिस कर रही रेकी की जांच

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भागलपुर: पाकिस्तान के लिए गुप्त जानकारियाँ साझा करने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की YouTuber ज्योति मल्होत्रा की जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस को जानकारी मिली है कि ज्योति ने 2023 में बिहार के सुल्तानगंज का दौरा किया था और वहां अजगैविनाथ मंदिर और पास की एक मस्जिद का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह यात्रा पर्यटन की आड़ में कोई रेकी थी।

हिसार पुलिस के अनुसार, पूछताछ में ज्योति ने बताया कि उसने 6 और 7 जुलाई, 2023 को सुल्तानगंज में रुककर श्रावण मेले को कवर किया था। उसने गंगा घाट रोड स्थित होटल में रुककर ‘Travel With JO’ चैनल के लिए वीडियो शूट किया था। उसे नाथनगर के एक YouTuber ने स्थानीय धार्मिक स्थलों की जानकारी दी थी।

जांच में सामने आया कि ज्योति ने एक स्थानीय युवक के साथ अजगैविनाथ धाम के पास स्थित मस्जिद का भी दौरा किया और मोबाइल से तस्वीरें ली थीं। वह देवघर तक कांवर यात्रा करने की योजना में थी, लेकिन टीम के कुछ सदस्य चलने में असमर्थ थे, इसलिए एक स्कॉर्पियो बुक कर ली गई थी।

जिला एसएसपी हृदयकांत ने बताया कि ज्योति पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में थी और संवेदनशील सूचनाएँ साझा करने का आरोप है। उन्होंने डीएसपी चंद्रभूषण और सुल्तानगंज थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि वे सुरक्षा समीक्षा करें। मंदिर और मस्जिद में रात में तकनीकी टीमों और डॉग स्क्वाड की मदद से जांच की गई।

साइबर टीमों के साथ 2023 की CCTV फुटेज की समीक्षा की जा रही है और उस दौरान संपर्क में आए YouTubers से पूछताछ की जा रही है। दो संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी जांच हो रही है।

ज्योति मल्होत्रा ने भारत के अलावा पाकिस्तान, भूटान, इंडोनेशिया और चीन की यात्रा की है। वह दो बार पाकिस्तान भी गई थी और उस पर सैन्य सूचनाओं को पाकिस्तान को भेजने का गंभीर आरोप है। फिलहाल एनआईए, आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीमें उससे पूछताछ कर रही हैं।

विदेशों में 23,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक कैद: पाकिस्तान विदेश मंत्रालय

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 23,456 पाकिस्तानी नागरिक विभिन्न देशों की जेलों में बंद हैं। इन पर मादक पदार्थों की तस्करी, बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे गंभीर आरोप हैं। यह जानकारी सोमवार को राष्ट्रीय असेंबली में प्रश्नकाल के दौरान दी गई।

डॉन अखबार के अनुसार, 12,156 पाकिस्तानी केवल सऊदी अरब की जेलों में हैं। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 5,292 पाकिस्तानी, और बहरीन में 450 पाकिस्तानी कैद हैं। इन मामलों में अधिकतर ड्रग तस्करी, ड्रग रखना और धोखाधड़ी शामिल हैं।

चीन में भी करीब 400 पाकिस्तानी नागरिक जेलों में बंद हैं जिन पर नकली मुद्रा रखने, हत्या, बलात्कार और डकैती जैसे आरोप हैं।

कतर में 338 पाकिस्तानी नागरिक चोरी, हत्या, मादक पदार्थ तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, बलात्कार और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे अपराधों में दोषी पाए गए हैं।
ओमान में 309 और मलेशिया में 255 पाकिस्तानी नागरिकों को अवैध प्रवेश, यौन उत्पीड़न और अन्य आपराधिक गतिविधियों में सजा मिली है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इन कैदियों को लेकर नियमित दूतावास दौरे, कैद की स्थिति की समीक्षा, और मानवाधिकार सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।

पाक के साथ संघर्ष हमेशा पारंपरिक रहा, परमाणु संकेत नहीं मिले: विक्रम मिस्री ने संसदीय समिति को दी जानकारी

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नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को संसद की स्थायी समिति को बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य संघर्ष सिर्फ पारंपरिक था और पाकिस्तान की ओर से कोई परमाणु संकेत (nuclear signaling) नहीं मिला।

सूत्रों के अनुसार, मिस्री ने समिति को बताया कि सैन्य कार्रवाई को रोकने का निर्णय द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था। कुछ सांसदों ने अमेरिका द्वारा संघर्ष रोकने में भूमिका निभाने के दावे पर सवाल उठाए थे।

गौरतलब है कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (DGMOs) के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।

बैठक में जब सांसदों ने पूछा कि क्या पाकिस्तान ने चीनी सैन्य प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया, तो मिस्री ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि भारत ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया।

शशि थरूर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अभिषेक बनर्जी (TMC), राजीव शुक्ला, दीपेन्द्र हुड्डा (कांग्रेस), असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM), अपराजिता सारंगी और अरुण गोविल (BJP) सहित कई सांसदों ने भाग लिया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर आतंकियों के नौ ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया।

रक्षा मंत्रालय ने रविवार को इस ऑपरेशन की नई तस्वीरें जारी करते हुए इसे बदले का नहीं बल्कि न्याय का प्रतीक बताया।

इस बीच केंद्र सरकार ने 33 वैश्विक राजधानियों में सभी दलों के प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है, ताकि भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे के संकल्प को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बताया जा सके।

पाकिस्तान चीन का क्लाइंट स्टेट है: पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया का बड़ा बयान

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार सोमवार को चीन पहुंचे, जो भारत पर विफल हमले के बाद उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा है। इस हमले में चीनी मिसाइलों का उपयोग हुआ था। डार बीजिंग में पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं।

इस यात्रा की पृष्ठभूमि में, पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा कि “यह दौरा दो मुख्य दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है – हालिया संघर्ष और व्यापक द्विपक्षीय संबंध।”

उन्होंने बताया कि हालिया भारत-पाक संघर्ष में 80% हथियार और उपकरण चीनी निर्मित थे, जो दोनों देशों के बीच सैन्य समन्वय और चीन के असफल हथियार प्रदर्शन को दर्शाता है।

बिसारिया ने कहा कि इस निर्णायक हार के बाद, पाकिस्तान अपने सैन्य संसाधनों का आधुनिकीकरण कर सकता है और भविष्य के टकरावों में भारत का सामना करने के लिए चीन से अधिक समर्थन मांगेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक हालत खराब है और IMF की सख्त शर्तों के कारण सहायता में कटौती की आशंका के चलते पाकिस्तान अब चीन पर और अधिक निर्भर हो रहा है।

उन्होंने चीन को पाकिस्तान का “क्लाइंट स्टेट” कहकर संबोधित करते हुए कहा, “यह संबंध पाकिस्तान को चीन की कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक पकड़ में और गहराई से धकेल देगा।”

उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की कोशिशों में भी चीन ने तकनीकी रोक लगाई थी।

बिसारिया ने कहा कि भारत को अपने रक्षा बजट को वर्तमान 1.9% से बढ़ाकर कम से कम 3% GDP तक करना चाहिए ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सैन्य क्षमता विकसित की जा सके।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत को केवल दो-फ्रंट युद्ध (चीन और पाकिस्तान) के लिए नहीं, बल्कि दोनों के संयुक्त मोर्चे की आशंका के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

पूर्व राजदूत केपी फैबियन ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को राजनयिक रूप से अलग-थलग करने में कुछ हद तक सफलता पाई है, लेकिन चीन और तुर्की जैसे देश अब भी पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं।

फैबियन ने चाणक्य नीति का हवाला देते हुए कहा, “हर देश का कोई न कोई पड़ोसी उसका स्वाभाविक दुश्मन होता है। भारत के मामले में पाकिस्तान और चीन दोनों उसे प्रतिद्वंदी मानते हैं।”

‘स्पाई’ यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पर बड़ा खुलासा: पिता बोले, ‘दिल्ली का कहकर पाकिस्तान जा रही थी’

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हिसार: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उनके पिता हरीश मल्होत्रा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें अपनी बेटी की विदेश यात्रा और गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।

यूट्यूब चैनल ‘Travel with JO’ चलाने वाली ज्योति पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पिता हरीश मल्होत्रा, जो हिसार के नई अग्रसेन कॉलोनी में रहते हैं, ने बताया कि रविवार को पुलिस पूछताछ के दौरान ज्योति को उनके घर लाई और उसके कपड़े, मोबाइल और लैपटॉप जब्त करके ले गई। उन्होंने कहा, “मुझे न तो पुलिस से बात करने का मौका मिला और न ही बेटी से।”

सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब हरीश ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी के पाकिस्तान जाने की कोई जानकारी नहीं थी। “ज्योति ने कहा था कि वह दिल्ली जा रही है, लेकिन उसने कभी बताया नहीं कि वह पाकिस्तान या कश्मीर गई थी,” उन्होंने मीडिया को बताया।

हिसार के एसपी शशांक कुमार ने पहले जानकारी दी थी कि उन्हें केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट मिला था कि ज्योति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थी और वह वहां कई बार जा चुकी थी।

पुलिस ने यह भी बताया कि ज्योति की वित्तीय लेन-देन की जांच भी की जा रही है। साथ ही, जिन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से वह संपर्क में थी, उन पर भी नजर रखी जा रही है।

ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को पीएम मोदी की सलामी: रेलवे टिकट पर तस्वीर के जरिए सैनिकों को श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली: रेलवे मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को सलामी” देते हुए तस्वीर को ट्रेन टिकट पर प्रदर्शित करना हमारे सैनिकों के शौर्य को सम्मान देने की एक पहल है। सोमवार को मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कदम सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए उठाया गया है।

रेलवे बोर्ड के सूचना और प्रचार निदेशक दिलीप कुमार ने पीटीआई को बताया, “प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को सलामी देते हैं और इसकी सफलता का जश्न मनाते हैं।” उन्होंने कहा कि सभी जोन और डिवीजन ने रेलवे स्टेशनों पर कार्यक्रमों और गतिविधियों के ज़रिए ऑपरेशन सिंदूर का सम्मान किया है।

देशभर के प्रमुख स्टेशनों को तिरंगे से सजाया गया। कई डिवीजनों में स्कूली बच्चों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर चित्रकला प्रतियोगिताओं में भाग लिया। स्टेशनों पर सार्वजनिक डिस्प्ले सिस्टम के ज़रिए सैनिकों की बहादुरी को दर्शाने वाले वीडियो भी दिखाए गए।

जम्मू, पठानकोट, नई दिल्ली और श्रीनगर सहित कई स्टेशनों की कंक्रीट बेंचों और अन्य सुविधाओं को सेना की वर्दी के रंग में रंगा गया। जम्मू डिवीजन के एक अधिकारी ने बताया कि पठानकोट स्टेशन को सिंदूर के रंग में सजाया गया था, जिसकी तस्वीर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स (X) हैंडल पर पोस्ट की थी और लिखा था: “रंग ये सिंदूर का।”

उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु उपाध्याय ने बताया, “नई दिल्ली जैसे स्टेशनों पर फौजियों के लिए विशेष रूप से बेंचें आरक्षित की गई हैं, जिन पर ‘सैनिक सम्मान’ लिखा गया है। प्रतीक्षालय में भी कुछ सीटें सैनिकों के लिए समर्पित की गई हैं।”

जम्मू डिवीजन की हालिया प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि जम्मू, सांबा, मकेरिया, गुरदासपुर, पठानकोट और कठुआ जैसे प्रमुख स्टेशनों की बेंचों को भारतीय सेना की वर्दी के रंग में रंगा गया और उन पर ‘सैनिक सम्मान’ लिखा गया।

उत्तर मध्य रेलवे ज़ोन के अधिकारियों ने बताया कि ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्काउट्स एंड गाइड्स और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स ने भाग लिया। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा, “इन आयोजनों में युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और स्टेशनों पर देशभक्ति गीतों और कार्यक्रमों के वीडियो भी प्रदर्शित किए गए।”