Saturday 27th of June 2026 07:19:39 AM
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मधुबनी में दो संदिग्ध चीनी जासूस गिरफ्तार, मोबाइल में मिले भारत विरोधी और खालिस्तानी वीडियो

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पटना: बिहार के मधुबनी जिले में गुरुवार को दो संदिग्ध चीनी जासूसों को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का वीडियो बनाते समय गिरफ्तार किया गया। उनके मोबाइल फोन से भारत विरोधी और खालिस्तानी समर्थक 50 से अधिक वीडियो बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वू हैइलोंग (38), निवासी लियाओनिंग प्रांत, चीन और शेंग जुन योंग (30) के रूप में हुई है। दोनों पर्यटक वीज़ा पर नेपाल आए थे।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 48वीं बटालियन ने इन्हें हरलाखी थाना क्षेत्र के पिपरौन-जठाही सीमा चौकी के पास से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिकों के पास भारत में मौजूदगी के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, और वे अंग्रेज़ी या हिंदी नहीं समझते, जिससे पूछताछ में कठिनाई आई।

SSB ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क किया, और पूछताछ के लिए मंदारिन भाषा के विशेषज्ञों को बुलाया गया। दोनों को हरलाखी थाना पुलिस को सौंपा गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ जारी है।


सुरक्षा अलर्ट और संदिग्ध गतिविधियां:

गिरफ्तारी ऐसे समय हुई जब:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

  • सोमवार और मंगलवार को नेपाल की ओर से ड्रोनों के झुंड मधुबनी और पूर्णिया में भारतीय सीमा में घुसे और लगभग 20-30 मिनट तक भारतीय हवाई क्षेत्र में मंडराते रहे।

  • “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के बाद सीमा पर सुरक्षा अलर्ट पहले से ही जारी है।

अब तक नेपाल सीमा से लगे इलाकों में चीन, बांग्लादेश, कनाडा, नेपाल और दक्षिण कोरिया के 13 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


पुलिस की प्रतिक्रिया:

हरलाखी थाना प्रभारी आदित्य कुमार ने बताया,
“दोनों चीनी नागरिकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।”

गाज़ा संघर्ष: इज़राइल ने ट्रंप की युद्धविराम योजना को मंजूरी दी, हमास कर रहा है विचार – व्हाइट हाउस

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वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस ने गुरुवार को पुष्टि की कि इज़राइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाज़ा युद्धविराम योजना को मंजूरी दे दी है, जबकि हमास के साथ बातचीत अभी जारी है।

व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लिविट ने कहा कि ट्रंप और उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने एक युद्धविराम प्रस्ताव हमास को भेजा, जिसे इज़राइल ने पहले ही समर्थन दे दिया था।

हमास ने कहा कि वह अमेरिकी दूत द्वारा प्रस्तावित नए समझौते पर विचार कर रहा है।

इस बीच, गाज़ा पट्टी में इज़राइली हमलों में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई है।

गाज़ा में मानवीय संकट गहरा होता जा रहा है, जबकि दो महीने से अधिक की नाकाबंदी के बाद अब कुछ राहत सामग्री क्षेत्र में पहुंच रही है। भूख और कुपोषण का संकट चरम पर है, और विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि हर पांच में से एक व्यक्ति भुखमरी के कगार पर है।

गुरुवार को गाज़ा सिविल डिफेंस के अधिकारी मोहम्मद अल-मुघैय्यिर ने बताया कि “इज़राइली हमलों में 44 लोग मारे गए, जिनमें से 23 अल-बुरेज़ में एक घर पर हमले में मारे गए।”


GHF केंद्रों पर अफरा-तफरी और आलोचना:

गाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) द्वारा संचालित सहायता केंद्रों पर भारी भीड़, गोलीबारी और अव्यवस्था की खबरें सामने आ रही हैं।

“हमें अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है,” एक स्थानीय निवासी सोभी अरीफ ने कहा।

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने GHF प्रणाली की आलोचना की है क्योंकि यह हमास को सहायता मिलने से रोकने के नाम पर पारंपरिक UN प्रणाली को दरकिनार कर रही है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आंकड़े:

  • जॉर्डन के विदेश मंत्री ने कहा कि इज़राइल की “भूख से मारने की रणनीति” सभी नैतिक और कानूनी सीमाओं को पार कर चुकी है।

  • इज़राइली सेना ने बताया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में गाज़ा में दर्जनों आतंकी ठिकानों पर हमले किए हैं।

  • युद्ध में अब तक कुल 54,249 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश नागरिक हैं।

बातचीत और आतंक एक साथ नहीं चल सकते: पाक पीएम शरीफ के बयान पर भारत की दो टूक

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नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी संभव है जब वह सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद कर दे। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा भारत के साथ कश्मीर, आतंकवाद, पानी और व्यापार समेत सभी मुद्दों पर शांति वार्ता की इच्छा जताने के बाद आया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “हम यह दोहराना चाहेंगे कि आतंक और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सिर्फ दो मुद्दों पर पाकिस्तान से बात करेगा —

  1. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भारत को सौंपने पर

  2. आतंकवाद पर कार्रवाई के बारे में

भारत ने पाकिस्तान को आतंकवादियों की एक सूची सौंपी थी, जिनकी हस्तांतरित करने की मांग अभी भी कायम है।

जायसवाल ने कहा कि “जल और खून एक साथ नहीं बह सकते”, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले कह चुके हैं। इसलिए सिंधु जल संधि भी तब तक निलंबित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सही मायनों में और स्थायी रूप से आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता।


पृष्ठभूमि और हालिया घटनाएं:

  • 23 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई दंडात्मक उपाय लगाए, जिनमें सिंधु जल संधि का निलंबन भी शामिल था।

  • भारत ने 7 मई को 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।

  • इसके जवाब में पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

  • 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच भूमि, वायु और समुद्र पर सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनी।

कड़ी सुरक्षा के बीच अमित शाह पहुंचे जम्मू, दो दिवसीय दौरे पर सुरक्षा हालात की करेंगे समीक्षा

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जम्मू: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार शाम कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू पहुंचे, जहां वह अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और पुंछ में गोलाबारी प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। यह शाह का ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र शासित प्रदेश का पहला दौरा है।

शाह गोलाबारी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों, धार्मिक स्थलों और BSF जवानों से भी मिलेंगे। 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान की ओर से हुई अंधाधुंध गोलाबारी और ड्रोन हमलों में 28 नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें 14 सिर्फ पुंछ जिले से थे।

राजभवन में आज रात होगी उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक
शाह के आगमन पर राज्यपाल मनोज सिन्हा ने उनका स्वागत किया और वे सीधे राजभवन पहुंचे। वहां वह रात 1.5 घंटे की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें सेना, अर्धसैनिक बल, खुफिया एजेंसियों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।


शाह की यात्रा का कार्यक्रम:

  • राजभवन में सुरक्षा समीक्षा बैठक

  • अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा (यात्रा 3 जुलाई से शुरू)

  • पुंछ में गोलाबारी पीड़ित परिवारों से मिलना

  • ध्वस्त धार्मिक स्थलों का दौरा, जैसे सिंह सभा गुरुद्वारा

  • BSF कैंप में जवानों से बातचीत

  • मृतकों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपना


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

कांग्रेस ने अमित शाह से मांग की कि वह सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत और पुनर्वास पैकेज की घोषणा करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर 5 मरला के प्लॉट दिए जाएं।

कांग्रेस प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा, “यह शर्मनाक है कि इतने दिनों बाद गृह मंत्री का दौरा हो रहा है। राहुल गांधी पहले ही पीड़ितों से मिल चुके हैं।”

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने उम्मीद जताई कि शाह प्रत्येक सीमा परिवार को व्यक्तिगत बंकर देने की घोषणा करेंगे और राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में कदम उठाएंगे।

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: सेवानिवृत्त CAPF जवानों को मानद पद दिया जाएगा, आत्मसम्मान और मनोबल बढ़ाने की पहल

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नई दिल्ली: गृह मंत्रालय (MHA) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स के कांस्टेबल से सब-इंस्पेक्टर रैंक तक सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को सेवानिवृत्ति के दिन एक उच्चतर मानद पद प्रदान करने का फैसला किया है।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय जवानों के आत्मसम्मान, गौरव और मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जिससे इन जवानों को उनके आखिरी कार्यदिवस पर एक सम्मानजनक पद दिया जाएगा, हालांकि इसके तहत कोई आर्थिक या पेंशन लाभ नहीं मिलेगा।”


किसको मिलेगा कौन-सा मानद पद:

वर्तमान पदसेवानिवृत्ति पर मानद पद
कांस्टेबलहेड कांस्टेबल
हेड कांस्टेबलअसिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI)
ASIसब-इंस्पेक्टर
सब-इंस्पेक्टरइंस्पेक्टर
राइफलमैनहवलदार
हवलदारवारंट अफसर

पात्रता शर्तें:

  • सभी पदोन्नति मानदंड पूरे करने चाहिए

  • सेवा रिकॉर्ड स्वच्छ और अच्छा होना चाहिए

  • पिछले 5 वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में प्रदर्शन ‘अच्छा’ होना चाहिए

  • कोई प्रमुख अनुशासनात्मक दंड पिछले 5 वर्षों में नहीं होना चाहिए

  • ईमानदारी और आचरण संदेह से परे होने चाहिए


🇮🇳 सरकार की पहल:

यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों को उनके दीर्घकालीन और सराहनीय सेवा के लिए सम्मान देने की एक पहल है।

इज़रायल का दावा: गाज़ा में हमास प्रमुख मोहम्मद सिनवार मारा गया, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दी जानकारी

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यरुशलम: इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को संसद में कहा कि इज़रायली सेना ने मोहम्मद सिनवार को मार गिराया है, जो गाज़ा में हमास का प्रमुख और मारे गए याह्या सिनवार का भाई था।

नेतन्याहू ने संसद सत्र में कहा, “600 दिनों की ‘पुनरुद्धार की लड़ाई’ (War of Revival) में हमने वास्तव में **मध्य पूर्व का चेहरा बदल दिया है। हमने आतंकवादियों को अपनी धरती से खदेड़ दिया, गाज़ा पट्टी में घुसकर हजारों आतंकवादियों को खत्म किया, और मोहम्मद सिनवार को भी मार गिराया।”

इज़रायली मीडिया के मुताबिक, 13 मई को गाज़ा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में हवाई हमले में मोहम्मद सिनवार को निशाना बनाया गया था।

उस समय, इज़रायली सेना ने कहा था कि उन्होंने “खान यूनिस में यूरोपीय अस्पताल के नीचे स्थित एक भूमिगत आतंकी कमांड सेंटर” पर सटीक हमला किया था।

हमास और मोहम्मद सिनवार का संबंध:

माना जा रहा है कि मोहम्मद सिनवार ने हमास के सशस्त्र संगठन ‘इज़्ज़ेदीन अल-क़सम ब्रिगेड्स’ की कमान उस समय संभाली जब उसके पूर्व प्रमुख मोहम्मद दीफ मारे गए।

याह्या सिनवार, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 के हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था, अक्टूबर 2024 में गाज़ा के दक्षिणी हिस्से में मारा गया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि याह्या की मौत के बाद मोहम्मद सिनवार ने हमास की सशस्त्र शाखा के प्रमुख, बंधकों से संबंधित वार्ता और संगठन के रणनीतिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण:

हमास को संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा आतंकी संगठन घोषित किया गया है।

एनसीबी को बड़ी सफलता: मलेशिया से ड्रग माफिया गिरफ्तार, रेड नोटिस के बाद भारत लाया गया

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नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ड्रग्स तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य साजिशकर्ता नवीन चिचकार को मलेशिया से गिरफ्तार कर भारत लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई रेड नोटिस जारी होने के बाद की गई, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का सहयोग मिला।

एक वरिष्ठ एनसीबी अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पूछताछ से अमेरिका से भारत में कोकीन की तस्करी और उसकी देश-विदेश में आपूर्ति के नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। वित्तीय जांच के दौरान थाईलैंड में संपत्तियां और बैंक खातों का भी पता चला है, जिन्हें अटैच करने की प्रक्रिया चल रही है।


📦 जांच की शुरुआत:

पूरे मामले की शुरुआत 21 जनवरी 2025 को हुई, जब मुंबई से ऑस्ट्रेलिया भेजे जा रहे एक प्रोजेक्टर में 200 ग्राम कोकीन डीएचएल कोरियर के ज़रिए पकड़ी गई।

इसके बाद की जांच में नवी मुंबई में एक आरोपी के घर से 11.540 किलोग्राम कोकीन, 4.9 किलोग्राम गांजा, और 5.5 किलोग्राम गांजा गमीज़ जब्त की गई।


🌍 अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा:

एनसीबी की जांच में यह सामने आया कि यह अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह अमेरिका से भारत और अन्य देशों में कोकीन भेजता था। इसमें क्लियरिंग हाउस एजेंट (CHA) और हवाला ऑपरेटर्स की भूमिका भी सामने आई है। अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

नवीन चिचकार पहले भी LSD तस्करी के मामले में फरार था और 2021 में थाईलैंड भाग गया था। उसे अब मलेशिया से भारत लाया गया है।


🔍 NCB की सतर्कता और कार्रवाई:

एनसीबी ने इस महीने यूएई से एक अन्य आरोपी को भी भारत लाने में सफलता पाई थी। ये सभी कार्रवाइयाँ दिखाती हैं कि एजेंसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

एनसीबी ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति ड्रग बिक्री की सूचना टोल फ्री नंबर 1933 (MANAS – National Narcotics Helpline) पर दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


🏛️ गृह मंत्री अमित शाह का सख्त संदेश:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी सुरक्षा और जांच एजेंसियों से ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार एक नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सभी दलों के प्रतिनिधिमंडल की सऊदी अधिकारियों से मुलाकात, आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराया

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रियाद: भारत के सभी दलों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अदेल अल-जुबैर से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और “नया सामान्य” दृष्टिकोण को दोहराया।

यह प्रतिनिधिमंडल भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में सऊदी दौरे पर है। मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को गहराने, आपसी हितों पर चर्चा करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।


प्रमुख बिंदु:

  • प्रतिनिधिमंडल ने Shura Council (सऊदी की विधान परिषद) का दौरा किया और डिप्टी स्पीकर मिशाल अल-सुलामीसऊदी-भारत मैत्री समिति के अध्यक्ष मेजर जनरल अब्दुलरहमान अलहरबी से भी मुलाकात की।

  • उन्होंने Prince Saud Al Faisal Institute of Diplomatic Studies के डायरेक्टर जनरल मुशब्बब अल-कहतानी से भी भेंट की।

  • सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने और सामूहिक हितों पर चर्चा की।

  • प्रतिनिधिमंडल ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शांति, अहिंसा और सहिष्णुता के संदेश को याद किया।


प्रमुख वक्तव्यों का सारांश:

बैजयंत पांडा ने कहा:

“भारत और सऊदी अरब आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं। हमने His Excellency अदेल अल-जुबैर के साथ रचनात्मक चर्चा की, भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया और द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर बात की।”

सतनाम सिंह संधू ने कहा:

“भारत और सऊदी अरब आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने भारत की अटल नीति को सऊदी नेतृत्व तक पहुंचाया।”


अन्य जानकारी:

पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आज़ाद, जो इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सा निगरानी में हैं।


पृष्ठभूमि:

यह दौरा भारत की विदेश नीति में खाड़ी देशों के साथ बढ़ती निकटता और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का एक हिस्सा है। इससे पहले प्रतिनिधिमंडल बहरीन और कुवैत का दौरा कर चुका है।

असम सरकार का ऐतिहासिक फैसला: असुरक्षित क्षेत्रों में मूल निवासियों को मिलेगा शस्त्र लाइसेंस – सीएम हिमंत बिस्व सरमा

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गुवाहाटी: असम सरकार ने बुधवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य के असुरक्षित और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले मूल और स्वदेशी निवासियों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने की योजना को मंज़ूरी दे दी।
इसकी घोषणा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने डिसपुर में हुई कैबिनेट बैठक के बाद की।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा:

“धुबरी, नागांव, मोरीगांव, बरपेटा, साउथ सलमारा और गोलपारा जैसे जिलों में, जहां हमारे स्वदेशी लोग अल्पसंख्यक हैं, वे लगातार सुरक्षा चिंताओं का सामना करते हैं। खासकर बांग्लादेश में हाल की घटनाओं के मद्देनज़र, वे सीमा पार से या अपने गांवों के भीतर भी हमलों के शिकार हो सकते हैं। इसलिए, इन असुरक्षित क्षेत्रों में हम उन्हें शस्त्र लाइसेंस प्रदान करेंगे।”


विशेष योजना का नाम:

“Special Schemes for Grant of Arms Licenses to Original Inhabitants and Indigenous Indian Citizens in Vulnerable and Remote Areas of Assam”


प्रमुख बिंदु:

  • असम सरकार का यह कदम विशेष रूप से बांग्लादेशी मूल के मुस्लिमों की अधिकता वाले जिलों पर केंद्रित है।

  • मुख्यमंत्री ने बरपेटा जिले के बघबर-जानिया क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहां कुछ गांवों में केवल 500 स्वदेशी परिवार ही बचे हैं।

  • उन्होंने कहा:

“यदि ऐसे परिवारों का कोई सदस्य अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक खरीदना चाहता है, तो हम उन्हें उदारता से लाइसेंस देंगे।”


पृष्ठभूमि और उद्देश्य:

  • स्वदेशी लोग भय के कारण अपने घर, ज़मीन और संपत्तियाँ छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

  • अब सरकार उन्हें सुरक्षा का भरोसा देकर उनके क्षेत्रों में मजबूती से रहने का अवसर देना चाहती है।

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मांग असम आंदोलन (1979-85) के समय से उठती रही है, लेकिन अब जाकर इसे स्वीकार किया गया है।


मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण:

“हम ‘जाति-माटी-भीटि’ (समुदाय-भूमि-जड़) के विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जहां भी स्वदेशी असमिया लोग अल्पसंख्यक हैं, उन्हें लाइसेंस मिलेगा।

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन हमले में 22 घायल

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पेशावर: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को एक वॉलीबॉल मैदान पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले में कम से कम 22 लोग घायल हो गए। यह क्षेत्र पहले से ही अस्थिर माना जाता है और यह दो सप्ताह में दूसरी बार ऐसा हमला है।

यह हमला दक्षिण वज़ीरिस्तान जिले के बर्मल तहसील के आज़म वारसक क्षेत्र में करमज़ी स्टॉप के पास हुआ, जहां लोग वॉलीबॉल मैच देख रहे थे।

घायलों में सात बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों को वाना के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

  • एक 13 वर्षीय बच्चा और एक पुरुष की हालत गंभीर बताई गई है।

  • तीन किशोर (15, 18 और 19 वर्ष) सहित 7 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

  • अन्य 13 को मामूली चोटें आईं, जिनमें से दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।


घटना के बाद हालात

घटना के बाद, इलाके में गोलियों की आवाजें सुनी गईं, जिससे अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। दक्षिण वज़ीरिस्तान से नेशनल असेंबली के सदस्य जुबैर खान ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बर्बर कृत्य बताया।


पृष्ठभूमि और संदिग्ध पक्ष

क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) — दोनों के क्वाडकॉप्टर (ड्रोन) इस्तेमाल करने के रिकॉर्ड हैं।

  • 19 मई को, उत्तरी वज़ीरिस्तान के मीर अली इलाके में एक अन्य संदिग्ध ड्रोन हमले में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई थी और पांच लोग घायल हुए थे।

  • इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने धरना दिया और न्याय की मांग की।


पाक सेना का बयान

पाकिस्तानी सेना ने मीर अली की घटना को लेकर अपने ऊपर लगे आरोपों को “बेबुनियाद और भ्रामक” बताया।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा जारी बयान में कहा गया कि 19 मई की दुखद घटना में नागरिकों की मौत के लिए सुरक्षा बलों को दोषी ठहराना गलत है।

ईरान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ सभी मुद्दों पर शांति वार्ता की इच्छा जताई

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भारत के साथ कश्मीर, आतंकवाद, जल और व्यापार सहित सभी लंबित मुद्दों पर शांति वार्ता की इच्छा जताई।

शरीफ ईरान की चार-देशीय यात्रा के दूसरे चरण में पहुंचे, जहां उनका सआदाबाद पैलेस में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

शरीफ ने कहा:

“हम भारत से सभी विवादों को हल करना चाहते हैं — चाहे वह कश्मीर हो, जल बंटवारा हो, आतंकवाद हो या व्यापार। यदि भारत शांति चाहता है, तो हम ईमानदारी से और गंभीरता से बातचीत के लिए तैयार हैं।”

हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भारत युद्ध का रास्ता चुनता है, तो पाकिस्तान भी जवाब देगा। “यदि उन्होंने आक्रामक रवैया अपनाया, तो हम अपनी धरती की रक्षा करेंगे — जैसे कुछ दिन पहले किया,” शरीफ ने कहा।


पृष्ठभूमि: हालिया तनाव और सैन्य कार्रवाई

  • 22 अप्रैल को पहल्गाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए।

  • पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला करने की कोशिश की, जिसका भारत ने कड़ा जवाब दिया।

  • 10 मई को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच बातचीत के बाद सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनी।


ईरान के साथ संबंधों पर जोर

शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की पाकिस्तान यात्रा की भी सराहना की, जिन्होंने सैन्य तनाव के समय पाकिस्तान का समर्थन किया।


भारत का रुख

भारत का स्पष्ट रुख है कि वह पाकिस्तान से केवल आतंकवाद और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर पर ही बात करेगा। भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि आतंकवाद से पहले कोई सार्थक संवाद संभव नहीं है।


निष्कर्ष

हालांकि पाकिस्तान ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है, लेकिन भारत की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक सीमापार आतंकवाद बंद नहीं होता, कोई भी बातचीत संभव नहीं है। वर्तमान घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक बातचीत की पेशकश और जमीन पर की गई कार्रवाइयों के बीच विश्वास की गहरी कमी बनी हुई है।

जमीनी सीमा पर तनाव के बीच भारत ने समुद्री पड़ोसी देशों से बढ़ाई नजदीकियां

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नई दिल्ली: पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक रणनीति में बदलाव करते हुए श्रीलंका और मालदीव जैसे हिंद महासागर के पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

श्रीलंका में आई नमक संकट और मालदीव में आर्थिक संकट के समय भारत की मदद ने यह स्पष्ट किया है कि पड़ोसी पहले (Neighbourhood First) नीति और MAHASAGAR विज़न के तहत भारत व्यावहारिक कूटनीति को प्राथमिकता दे रहा है।


श्रीलंका को भारत की नमक सहायता

  • श्रीलंका में असमय बारिश के कारण 15,000 मीट्रिक टन से अधिक नमक बर्बाद हो गया।

  • भारत ने तुरंत 3,050 मीट्रिक टन नमक भेजा — जिसमें से 2,800 मीट्रिक टन सरकारी और 250 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से आया।

  • यह मदद भारत के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से की गई।


🇲🇻 मालदीव को आर्थिक राहत

  • भारत ने मालदीव को दिए गए $50 मिलियन ट्रेजरी बिल की परिपक्वता तिथि को एक साल और बढ़ा दिया।

  • यह पैकेज 2019 में भारत द्वारा दिए गए $200 मिलियन सहायता पैकेज का हिस्सा है।

  • इस मदद के अंतर्गत SBI ने बिना ब्याज के बार-बार T-बिल्स को रिन्यू किया है।


उच्च स्तरीय बैठक और समर्थन

  • मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील ने नई दिल्ली में India-Maldives High Level Core Group बैठक में भाग लिया।

  • बैठक में रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और लोगों से लोगों के जुड़ाव जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

  • खलील ने पहल्गाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत के साथ एकजुटता जताई।


विशेषज्ञों की राय

  • ICRIER की प्रो. निशा तनेजा ने कहा कि भारत को श्रीलंका और मालदीव के साथ आर्थिक साझेदारी को और तेज करना चाहिए।

  • मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन संस्थान की स्मृति पटनायक ने कहा कि भारत की यह सहायता उसकी Neighbourhood First नीति का हिस्सा है।


निष्कर्ष

भारत की श्रीलंका को नमक और मालदीव को वित्तीय राहत देना, इस बात को दर्शाता है कि भारत अब डिलीवेरेबल्स पर आधारित समुद्री कूटनीति की ओर बढ़ रहा है। जहां पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ संबंधों में अनिश्चितता है, वहीं भारत छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से अहम देशों से व्यावहारिक सहयोग बढ़ा रहा है।

पीएम मोदी की यात्रा से पहले भारत-नेपाल सीमा पर दिखे ड्रोन, SSB ने रखा कड़ा पहरा

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पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय बिहार यात्रा से पहले भारत-नेपाल सीमा पर पुर्णिया और मधुबनी जिलों में 15 से 20 ड्रोन देखे जाने की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

घटना सोमवार रात की है जब सुरक्षा बलों ने भारत की हवाई सीमा में कई ड्रोन या ड्रोन जैसे उड़न यंत्रों की नेपाल की ओर से आवाजाही देखी। ये ड्रोन पश्चिम की ओर बढ़े और फिर वापस नेपाल लौट गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से सीमा पर हाई अलर्ट है।


SSB की सतर्कता और जांच

  • सशस्त्र सीमा बल (SSB), जो भारत-नेपाल सीमा की निगरानी करता है, ने इन ड्रोनों को देखा।

  • SSB पुर्णिया के डीआईजी राजेश कुमार टिक्कू ने बताया, “हमारे जवानों ने नेपाल की ओर से कई ड्रोन आते देखे। हमने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।”

  • SSB 48वीं बटालियन के उप कमांडेंट विवेक ओझा ने मधुबनी से पुष्टि की कि कई उड़न यंत्र उत्तर-पूर्व दिशा से आए और जानकी नगर सीमा चौकी के पास नेपाल की ओर लौट गए।


स्थानीय नागरिकों की पुष्टि

  • स्थानीय लोगों ने भी आकाश में असामान्य हलचल देखी और इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दी।

  • नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ की गई लेकिन उन्होंने किसी भी जानकारी से इनकार किया।


रणनीतिक चिंता

  • पुर्णिया में पूर्वी भारत का एक प्रमुख एयर फोर्स बेस है, जिससे यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बन जाता है।

  • भारत-नेपाल सीमा की लंबाई बिहार में 729 किलोमीटर है और यह काफी छिद्रयुक्त (porous) मानी जाती है।

  • हालांकि SSB इसे जमीनी स्तर पर नियंत्रित करता है, लेकिन हवाई घुसपैठ को रोकने के लिए कोई विशेष एरियल डिफेंस सिस्टम अब तक स्थापित नहीं किया गया है।


🇮🇳 पीएम मोदी की यात्रा का कार्यक्रम

  • प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को बिहार दौरे पर आ रहे हैं।

  • वे पटना में रोड शो और रोहतास जिले के बिक्रमगंज में जनसभा करेंगे।

क्षा मंत्री ने AMCA कार्यक्रम को दी मंजूरी, ADA बनाएगा पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट देशी साझेदारी से

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नई दिल्ली: भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूती देने और घरेलू एयरोस्पेस उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम के कार्यकारी मॉडल को मंजूरी दे दी है।

एयरनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) इस कार्यक्रम को औद्योगिक साझेदारी के माध्यम से क्रियान्वित करेगी। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।


AMCA क्या है?

  • यह एक पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान है जिसे भारतीय वायुसेना के लिए विकसित किया जाएगा।

  • इसमें गहराई तक घुसकर हमले करने की क्षमता होगी और यह रेडार से बचकर हमला कर सकेगा।

  • इसका वजन लगभग 25 टन होगा और यह 55,000 फीट तक उड़ान भर सकेगा

  • यह दो इंजनों वाला विमान होगा जिसे एक पायलट संचालित करेगा।

  • इसमें 6 टन तक हथियार ले जाने की क्षमता होगी जिनमें मिसाइलें, बम और रॉकेट शामिल होंगे।


AMCA कार्यक्रम का कार्यान्वयन मॉडल

  • रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह मॉडल निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों को समान अवसर देगा।

  • कंपनियाँ स्वतंत्र रूप से, संयुक्त उद्यम या कंसोर्टियम के रूप में बोली लगा सकती हैं।

  • बोली लगाने वाली इकाई एक भारतीय कंपनी होनी चाहिए जो भारत के कानूनों का पालन करती हो।


🇮🇳 ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और कदम

  • मंत्रालय ने कहा, “यह AMCA प्रोटोटाइप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और एयरोस्पेस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर होगा।”

  • पहली AMCA प्रोटोटाइप 2028 तक आने की संभावना है और 2034 तक 18 लड़ाकू विमान बनकर वायुसेना में शामिल किए जाएंगे।


AMCA परियोजना की लागत और पृष्ठभूमि

  • इस परियोजना की प्रारंभिक विकास लागत लगभग ₹15,000 करोड़ अनुमानित है।

  • पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

  • LCA तेजस की सफलता के बाद भारत की आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई और AMCA की दिशा में तेजी से काम हुआ।


तकनीकी खूबियाँ और रणनीतिक क्षमताएँ

  • AMCA दुश्मन के कंप्यूटर निगरानी सिस्टम को निष्क्रिय कर सकता है जिससे उनकी सुरक्षा प्रणाली असक्षम हो जाती है।

  • इसे अत्याधुनिक सटीक हमलों के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि भारत की वायु शक्ति को आधुनिक युद्धों में बढ़त मिल सके।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का वीडियो जारी, पाक रेंजर भागे, आतंकी लॉन्चपैड तबाह: बीएसएफ

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जम्मू: सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक वीडियो जारी किया, जिसमें पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक सैन्य कार्रवाई दिखाई गई है।

BSF के अनुसार, जम्मू सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 76 सीमा चौकियों और 42 फॉरवर्ड डिफेंस लोकेशन (FDL) को निशाना बनाया गया। साथ ही तीन आतंकवादी लॉन्चपैड नष्ट कर दिए गए।


वीडियो में क्या है खास

जारी किया गया 5 मिनट 21 सेकंड का वीडियो भारत की जवाबी कार्रवाई को दिखाता है जिसमें 2.2 किलोमीटर पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकी अड्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक की गई।

  • लूणी के आतंकी लॉन्चपैड से शुरू होकर पुतवाल, भैरवनाथ, धंदर जैसे इलाकों में पाकिस्तानी चौकियों और लॉन्चपैड्स के विनाश को वीडियो में दर्शाया गया है।

  • वीडियो में टिपु, मुमताज़ कॉम्प्लेक्स, जामील, सैदावाली आदि पाक चौकियों के तबाह होने और पाक रेंजरों के भागते हुए दृश्य भी दिखाए गए हैं।

वीडियो का समापन शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले सीन से होता है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासे

BSF के इंस्पेक्टर जनरल शशांक आनंद ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग और गोलाबारी के बाद यह कार्रवाई की गई। जब गोलीबारी कम हुई तो पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला शुरू किया, जिसमें BSF के दो जवान और एक सेना के जवान शहीद हुए।

  • आनंद ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा द्वारा ऑपरेट किए जा रहे एक लॉन्चपैड को 9-10 मई की रात को ‘चिकन नेक’ के पास नष्ट किया गया।

  • लूणी, मस्तपुर और छब्बरा के आतंकवादी अड्डों पर बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया


आतंकी घुसपैठ की आशंका

आईजी ने बताया कि एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकियों के वापसी के इनपुट हैं, जिससे घुसपैठ की संभावना बनी हुई है।

DIG इंद्रेश्वर ने कहा कि 8 मई की रात को सियालकोट के पास 40-50 आतंकियों की हलचल देखी गई, जिसके बाद सांबा क्षेत्र में स्ट्राइक की गई।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान रेंजर इतने मजबूत जवाब के लिए तैयार नहीं थे और अपनी चौकियां छोड़कर भाग खड़े हुए।