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गाजियाबाद में ‘फर्जी दूतावास’ का भंडाफोड़: लग्ज़री गाड़ियाँ, विदेशी झंडे और उच्च पदाधिकारियों की तस्वीरों से सजी थी ठगी की दुनिया

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने बुधवार को गाजियाबाद के कवि नगर थाना क्षेत्र में एक “फर्जी दूतावास” का पर्दाफाश किया।

47 वर्षीय हर्षवर्धन जैन नामक व्यक्ति खुद को दो देशों का राजदूत और चार देशों का राजनीतिक सलाहकार बताकर फर्जीवाड़ा कर रहा था। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि हर्षवर्धन लग्ज़री कारों, विदेशी झंडों और उच्च पदाधिकारियों की फोटोशॉप की गई तस्वीरों के जरिए लोगों को ठगता था।

उसने कवि नगर की एक पॉश कॉलोनी में एक बंगला किराए पर लिया, जहां दूतावास जैसा माहौल तैयार किया गया। बंगले के बाहर अलग-अलग देशों के झंडे लगे थे और वाहनों पर राजनयिक नंबर प्लेट्स लगी थीं।

बंगले के अंदर एक कार्यालय बनाया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के साथ हर्षवर्धन की फर्जी तस्वीरें लगी थीं।

एसटीएफ के अनुसार, हर्षवर्धन ने गाजियाबाद से बीबीए और लंदन से एमबीए किया है। उसका पारिवारिक व्यवसाय राजस्थान के बांसवाड़ा और कांकरोली में मार्बल खदानों का था।

2000 के दशक में उसने लंदन में चंद्रास्वामी के जरिए कई संदिग्ध लोगों से संपर्क किया और वहां दर्जनों कंपनियाँ बनाईं। 2006 में वह दुबई चला गया और वहां भी जॉब ब्रोकिंग के नाम पर कई कंपनियाँ शुरू कीं।

2011 के अंत में वह भारत लौटा। 2012 में उसके पास से उपग्रह फोन बरामद हुआ था, जिस पर केस भी दर्ज हुआ था।

हर्षवर्धन ने खुद को सेबोर्गा, पोउलबिया और लाडोनिया जैसे माइक्रो-नेशनों का राजदूत भी घोषित किया था।

एसटीएफ को जैसे ही यह जानकारी मिली कि दूतावास बिना विदेश मंत्रालय की अनुमति नहीं चलाया जा सकता, उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचित किया।

बुधवार को एसटीएफ ने बंगले में छापा मारा, जहां से चार लग्ज़री कारें, 12 विदेशी घड़ियाँ और कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।

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