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मानव तस्करी के शिकार चार को दिल्ली में कराया गया मुक्त

मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगातार जारी है ट्रैफिकिंग के शिकार लोगों को मुक्त कराने और पुनर्वास का सिलसिला
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगातार जारी है ट्रैफिकिंग के शिकार लोगों को मुक्त कराने और पुनर्वास का सिलसिला

 

रांचीः मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे देश से लगातार मानव तस्करी के शिकार लोगों को मुक्त कराने के साथ उनके पुनर्वास का भी काम किया जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में झारखंड के चार लोगों को दिल्ली में मुक्त करा कर बेहतर पुनर्वास हेतु रांची भेजा जा रहा है। इनमें दो युवती लातेहार जिलाएक बालिका सरायकेला खरसावां जिला एवं एक बालक धनबाद जिला का रहनेवाला है। बालक भटकर दिल्ली आ गया था । वहीं एक बालिका पिछले 2 वर्षों से घर का पता नहीं मिलने के कारण बालिका गृह में रहने को मजबूर थी। अब बालिका 2 वर्षों बाद अपने परिजनों से मिलेगी। सभी को गरीब रथ स्पेशल ट्रेन से नई दिल्ली से रांची लाया जा रहा है।

लगातार जारी है अभियान

मानव तस्करी के शिकार लोगों को मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। विगत 8 जुलाई को भी एकीकृत पुनर्वास-सह-संसाधन केंद्र, नई दिल्ली द्वारा 26 बच्चों को मुक्त करा कर झारखंड स्थित उनके गृह जिला भेजा गया था। वहीं 2 दिन पूर्व दो युवतियों को मुक्त कराया था। उन्हें झारखंड के किसी स्थानीय दलाल के माध्यम से दिल्ली में लाकर बेच दिया गया था। इन्हें वापस इनके गृह जिला भेजा जा रहा है। मुक्त कराने के बाद युवतियों को 7 महीने का मानदेय भी एकीकृत पुनर्वास-सह-संसाधन केंद्र के द्वारा दिलाया गया है।

दलालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

 एकीकृत पुनर्वास-सह-संसाधन केंद्र, नई दिल्ली के नोडल पदाधिकारी नचिकेता मिश्र ने बताया कि मुक्त करायी गई युवतियों एवं बच्चों के माध्यम से स्थानीय थाना में दलाल /ट्रैफ़िकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा। उसके आधार पर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया की स्थानिक आयुक्त मस्तराम मीणा के निर्देशानुसार झारखंड भेजे जा रहे बच्चों को जिले में संचालित कल्याणकारी योजनाओं, स्पॉन्सरशिप, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से जोड़ते हुए उनकी ग्राम बाल संरक्षण समिति के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी।

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