Friday 13th of February 2026 08:12:27 PM
HomeBreaking Newsबिना लाइसेंस चल रहा था दिल्ली का बेबी केयर अस्पताल, आरोपियों ने...

बिना लाइसेंस चल रहा था दिल्ली का बेबी केयर अस्पताल, आरोपियों ने किए बड़े खुलासे

अस्पताल का बिना लाइसेंस संचालन

दिल्ली के विवेक विहार में स्थित बेबी केयर अस्पताल के मालिक डॉ. नवीन कीची और डॉ. आकाश के द्वारा अस्पताल बिना लाइसेंस के चलाए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि यह अस्पताल बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के संचालित हो रहा था। इस खुलासे ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिना लाइसेंस के अस्पताल संचालन के चलते कई जोखिम सामने आते हैं। सबसे प्रमुख जोखिम है, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर समझौता। बिना लाइसेंस संचालन का मतलब है कि अस्पताल ने आवश्यक मानकों और नियमों का पालन नहीं किया है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

जांच में यह भी पता चला कि अस्पताल में मरीजों का इलाज कैसे हो रहा था, इसके बारे में भी संदेह है। बिना लाइसेंस के संचालन के चलते यह सवाल उठता है कि क्या अस्पताल में प्रयोग होने वाले उपकरण और दवाएं सुरक्षित और मान्य हैं। इसके अलावा, बिना लाइसेंस संचालन का मतलब है कि अस्पताल के पास आपातकालीन सेवाओं के लिए जरूरी तैयारी नहीं हो सकती।

इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइसेंस अस्पतालों के संचालन पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग को अपने निरीक्षण और निगरानी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।

आरोपियों के खुलासे और पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली के बेबी केयर अस्पताल के मालिक डॉ. नवीन कीची और ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आकाश ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ के दौरान, उन्होंने खुलासा किया कि अस्पताल को बिना लाइसेंस के चलाने के पीछे मुख्य कारण वित्तीय संकट था। डॉ. नवीन ने बताया कि लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी और महंगी थी, और इसीलिए उन्होंने बिना लाइसेंस के अस्पताल चलाने का निर्णय लिया।

इसके अलावा, डॉ. आकाश ने यह भी बताया कि अस्पताल में आवश्यक मेडिकल उपकरणों और दवाओं की कमी थी, जिसे वे बिना लाइसेंस के संचालन के दौरान छुपाते थे। वे मरीजों को यह विश्वास दिलाने के लिए झूठी रिपोर्टें और दस्तावेज तैयार करते थे कि अस्पताल पूरी तरह से मान्यताप्राप्त है।

पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और अस्पताल से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में यह भी पाया गया है कि अस्पताल के कई कर्मचारियों के पास आवश्यक योग्यता और प्रमाणपत्र नहीं थे, जिससे मरीजों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था। पुलिस ने अस्पताल के वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और कोई अवैध गतिविधियों में लिप्त तो नहीं थे।

इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया है। अस्पताल की ओर से की गई अन्य गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने संबंधित विभागों से भी सहायता मांगी है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रियाएँ और कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी ताकि इस अवैध गतिविधि पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments